बेंगलुरु (4 अप्रैल 2026): चंद्रमा और मंगल की सफलता के बाद, इसरो अब सौरमंडल के सबसे गर्म ग्रह 'शुक्र' (Venus) की ओर रुख कर रहा है। इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने बताया कि 'शुक्रयान-1' मिशन का डिजाइन और पेलोड चयन अंतिम चरण में है।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
मिशन का लक्ष्य: शुक्र की सतह और उसके सल्फ्यूरिक एसिड वाले वायुमंडल का अध्ययन करना। वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश करेंगे कि शुक्र का वातावरण इतना गर्म और जहरीला क्यों हो गया।
अत्याधुनिक तकनीक: इसमें एक हाई-रिजॉल्यूशन 'सिंथेटिक अपर्चर रडार' (SAR) लगाया जाएगा जो शुक्र के घने बादलों को पार कर उसकी सतह का नक्शा तैयार करेगा।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग: इस मिशन में फ्रांस और स्वीडन की अंतरिक्ष एजेंसियां भी अपने वैज्ञानिक उपकरणों के साथ सहयोग कर रही हैं।
महत्व: यह मिशन भारत को दुनिया की शीर्ष अंतरिक्ष शक्तियों की कतार में और मजबूती से खड़ा करेगा।
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