1. सोशल मीडिया से शुरू हुआ 'जाल'
पुलिस जांच और पीड़ित नाबालिग की शिकायत के अनुसार, यह मामला डिजिटल दोस्ती से शुरू हुआ:
संपर्क: आरोपी महिला और नाबालिग बालक के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जान-पहचान हुई थी।
घटनास्थल: 1 मार्च 2026 को महिला ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भोरमदेव रोड स्थित भुवनेश्वर होटल बुलाया।
अपराध: आरोप है कि वहां महिला ने बालक पर भावनात्मक और मानसिक दबाव बनाया और प्रलोभन देकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
2. डराया-धमकाया और मानसिक दबाव
वारदात के बाद नाबालिग बालक गहरे सदमे और डर में था:
देरी की वजह: आरोपी महिला ने बालक को डराया और धमकाया था, जिसके कारण वह तत्काल पुलिस या परिजनों को कुछ बताने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
हिम्मत और शिकायत: लगातार मानसिक तनाव के बाद, अंततः बालक ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला कोतवाली कवर्धा थाने पहुँचा।
3. पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानूनी धाराएं
कवर्धा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक्शन लिया:
पॉक्सो एक्ट (POCSO): चूंकि पीड़ित नाबालिग (16 वर्ष) है, इसलिए महिला के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी: पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जांच: पुलिस अब होटल के रिकॉर्ड और सोशल मीडिया चैट खंगाल रही है ताकि साक्ष्यों को और मजबूत किया जा सके।
Powered by Froala Editor




