गांधीनगर: बुधवार सुबह जब विधायक और कर्मचारी बजट सत्र के लिए विधानसभा परिसर में एकत्र हो रहे थे, तभी एक धमकी भरे ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर डाल दिया। सुबह 8:45 बजे मिली इस सूचना के बाद पूरे परिसर को खाली कराया गया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई:

  • धमकी का माध्यम: विधानसभा की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक अज्ञात संदेश मिला, जिसमें परिसर में विस्फोटक होने का दावा किया गया था।

  • त्वरित प्रतिक्रिया: डीएसपी पीयूष वांडा और एसपी रवि तेजा वासमसेट्टी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने मोर्चा संभाला।

  • सर्च ऑपरेशन: लगभग एक घंटे तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।

  • कार्यवाही में देरी: सुबह 9:00 बजे शुरू होने वाला सत्र इस व्यवधान के कारण 10:00 बजे शुरू हो सका।

विधानसभा अध्यक्ष और विधायकों का रुख:

  1. अध्यक्ष शंकर चौधरी: प्रश्नकाल के बाद अध्यक्ष ने सदन को आश्वस्त किया कि पुलिस ने उनके अनुरोध पर पूरी गहनता से जांच की है और अब डरने की कोई बात नहीं है।

  2. भाजपा का पक्ष: विधायक महेश कसवाला ने इसे राज्य की शांति भंग करने की साजिश बताया और याद दिलाया कि इससे पहले स्कूलों और अदालतों को भी ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं।

  3. विपक्ष की मांग: कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला ने बार-बार इस तरह की हरकतें करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ 'कठोरतम कार्रवाई' की मांग की।

जांच का अगला चरण:

गांधीनगर पुलिस अब उस आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रही है जिससे यह ईमेल भेजा गया था। साइबर सेल की मदद से आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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