मुंबई (4 अप्रैल 2026): बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने रिटेल निवेशकों को राहत देते हुए म्यूचुअल फंड के लिए 'एग्जिट लोड' की नई समय सीमा तय की है। अब अधिकांश डेट और हाइब्रिड फंडों में 15 दिनों के बाद पैसा निकालने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा, जो पहले 30 से 90 दिनों तक होता था।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
तरलता (Liquidity): इस फैसले से छोटे निवेशकों के पास अपने पैसे की निकासी के लिए अधिक लचीलापन होगा।
एसआईपी (SIP) रिकॉर्ड: मार्च 2026 में भारत में एसआईपी के जरिए निवेश का आंकड़ा ₹25,000 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है।
पारदर्शिता: फंड हाउसों को अब हर तिमाही में पोर्टफोलियो की 'रिस्क रेटिंग' को एआई के जरिए अपडेट करना अनिवार्य होगा।
शिक्षा: सेबी ने ग्रामीण भारत में निवेश जागरूकता के लिए 'सार्थी 2.0' ऐप भी लॉन्च किया है।
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