वाराणसी/कोलकाता (4 अप्रैल 2026): भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा नदी) पर माल ढुलाई को पूरी तरह से 'ग्रीन' और किफायती बनाने के लिए 10 नए इलेक्ट्रिक कार्गो जहाजों का परिचालन शुरू किया है। ये जहाज एक साथ 2,000 टन भार ले जाने में सक्षम हैं।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
पर्यावरण के अनुकूल: डीजल इंजन की जगह लिथियम-आयन बैटरी और हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग किया जा रहा है, जिससे गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान नहीं पहुँचेगा।
मल्टी-मोडल हब: वाराणसी और साहिबगंज के टर्मिनल अब सीधे रेलवे और राजमार्गों से जुड़े हैं, जिससे 'गेटवे टू ईस्ट' (Gateway to East) का सपना सच हो रहा है।
समय की बचत: 'स्मार्ट नेविगेशन' तकनीक के जरिए कोहरे और रात के समय भी जहाजों का संचालन संभव हो गया है।
आर्थिक लाभ: सड़क मार्ग की तुलना में जलमार्ग से माल भेजना 50% सस्ता पड़ रहा है, जिससे पूर्वी भारत के उद्योगों को बड़ी राहत मिली है
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