नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): केंद्र सरकार ने भारत को दुनिया का नंबर-1 पर्यटन स्थल बनाने के उद्देश्य से 'राष्ट्रीय पर्यटन नीति 2026' का अनावरण किया है। पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखवत ने बताया कि इस नीति के तहत अगले दो वर्षों में पर्यटन क्षेत्र से $100 बिलियन की विदेशी मुद्रा अर्जित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
वेडिंग डेस्टिनेशन हब: भारत को 'ग्लोबल वेडिंग डेस्टिनेशन' के रूप में स्थापित करने के लिए राजस्थान, उत्तराखंड और केरल के 50 ऐतिहासिक स्थलों और महलों को विशेष रूप से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य अरबों डॉलर के विदेशी विवाह बाजार को भारत की ओर मोड़ना है।
क्रूज और रिवर टूरिज्म: वाराणसी से डिब्रूगढ़ तक की सफल 'गंगा विलास' यात्रा के बाद, अब नर्मदा और गोदावरी नदियों में भी लंबी दूरी के क्रूज शुरू किए जाएंगे। साथ ही, मुंबई और कोच्चि को 'इंटरनेशनल क्रूज हब' के रूप में विकसित किया जा रहा है।
वीजा सरलीकरण: 100 से अधिक देशों के लिए 'ई-वीजा' की प्रक्रिया को और सरल बनाकर इसे मात्र 24 घंटे के भीतर जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन: नीति में ग्रामीण क्षेत्रों में 'होमस्टे' बनाने वाले युवाओं को बिना ब्याज के ऋण और टैक्स में छूट देने का प्रावधान है, जिससे स्थानीय रोजगार में 30% की वृद्धि होने की उम्मीद है।
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