नयी दिल्ली (2 अप्रैल 2026): एक्सप्रेसवे पर न केवल नियमों की धज्जियाँ उड़ाई गईं, बल्कि सही दिशा में चल रहे वाहन चालकों को धमकाने का मामला भी सामने आया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी को धर दबोचा है।
1. वायरल वीडियो से शुरू हुई जांच:
घटना: 31 मार्च को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक टैक्सी गलत दिशा में तेज रफ्तार से आती दिखी।
विवाद: टैक्सी चालक ने न सिर्फ गाड़ी गलत दिशा में चलाई, बल्कि सामने से आ रहे सही चालक को रोककर उसे अपशब्द भी कहे।
पुलिस की सक्रियता: भरथल चौक के पास तैनात एक पुलिस कांस्टेबल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।
2. 'फर्जी नंबर प्लेट' का खुलासा:
पुलिस ने जब वाहन के पंजीकृत नंबर के आधार पर मालिक को बुलाया, तो मामला और गहरा गया:
असली मालिक का दावा: कार मालिक ने बताया कि उसकी गाड़ी उस दिन घर पर ही खड़ी थी।
पहचान में अंतर: वीडियो देखने पर पता चला कि सड़क पर चल रही गाड़ी की छत का रंग असली गाड़ी से अलग था।
आरोपी की पहचान: मालिक ने वीडियो में दिख रहे चालक की पहचान रोहतक निवासी अंकित के रूप में की।
3. गिरफ्तारी और कबूलनामा:
पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए अंकित को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चौंकाने वाले खुलासे किए:
समाप्त परमिट: अंकित की अपनी टैक्सी का परमिट खत्म हो चुका था।
फर्जीवाड़ा: अवैध रूप से गाड़ी चलाने के लिए उसने अपने ही गाँव के एक साथी की गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर अपनी टैक्सी पर लगा लिया था ताकि वह पुलिस की नजरों से बच सके।
निष्कर्ष और कानूनी कार्रवाई:
दिल्ली पुलिस ने अंकित के खिलाफ जालसाजी (Forgery), धोखाधड़ी और यातायात नियमों के उल्लंघन की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एक्सप्रेसवे पर इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, और फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल एक गंभीर आपराधिक श्रेणी में आता है।
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