नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के निर्माण और इसके पीछे की विचारधारा को लेकर एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि विद्या भारती (RSS से संबद्ध शैक्षिक संगठन) ने देश की नई शिक्षा नीति को आकार देने में सरकार की सबसे बड़ी सहायता की है।

खबर के मुख्य बिंदु:

  • NEP का आधार: शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाई गई एनईपी 2020 के पीछे विद्या भारती के विचार और मूल्य एक प्रेरणास्रोत (Inspiration) रहे हैं।

  • पाठ्यपुस्तकों में बदलाव: प्रधान ने स्वीकार किया कि पिछले 5 वर्षों में पाठ्यपुस्तकों, पढ़ाई के माध्यम (Medium of Instruction), भाषा और सामाजिक विकास से जुड़े हर बड़े निर्णय में विद्या भारती एक "महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु" (Reference Point) रहा है।

  • राष्ट्रीय पाठ्यक्रम (NCF): मंत्री के अनुसार, विद्या भारती द्वारा अपनाए जाने वाले मूल्यों, कौशल विकास की पद्धतियों और पढ़ाने के तरीकों को अब राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में आधिकारिक तौर पर शामिल कर लिया गया है।

  • कीमती योगदान: विद्या भारती को शिक्षा तंत्र का एक छोटा लेकिन 'बेहद कीमती' हिस्सा बताते हुए उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में संगठन के प्रयासों की सराहना की।


निष्कर्ष:

शिक्षा मंत्री का यह बयान शिक्षा के भगवाकरण (Saffronisation) को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जाने वाले आरोपों के बीच आया है। प्रधान ने इसे 'भारतीय मूल्यों' की वापसी बताते हुए एनईपी को पूरी तरह से विद्या भारती की विचारधारा से प्रेरित माना है।

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