श्रीहरिकोटा (4 अप्रैल 2026): भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने आज एक बड़ी सफलता हासिल की है। चेन्नई स्थित स्टार्टअप 'अग्निकुल कॉसमॉस' ने अपने रॉकेट 'अग्निबाण-2' का सफल परीक्षण पूरा किया। यह दुनिया का पहला ऐसा रॉकेट है जिसका इंजन पूरी तरह से 3D प्रिंटिंग तकनीक से एक ही टुकड़े में बनाया गया है।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
तकनीकी विशेषता: 3D प्रिंटेड इंजन के कारण रॉकेट के पुर्जों की संख्या 1000 से घटकर मात्र 10 रह गई है, जिससे लागत और निर्माण समय में 80% की कमी आई है।
मोबाइल लॉन्चपैड: अग्निबाण को किसी भी स्थान से एक ट्रक-आधारित लॉन्चपैड के जरिए छोड़ा जा सकता है।
पेलोड: इस मिशन ने छोटे उपग्रहों को निचली कक्षा (LEO) में स्थापित करने की क्षमता का प्रदर्शन किया।
इसरो की भूमिका
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