मोतिहारी/पटना: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में मंगलवार तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में कुख्यात गैंगस्टर कुंदन ठाकुर और उसका सहयोगी प्रियांशु कुमार मारे गए। हालांकि, अपराधियों से लोहा लेते हुए एसटीएफ के जवान श्रीराम यादव शहीद हो गए, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
चकिया एनकाउंटर की पूरी कहानी:
खुफिया सूचना पर कार्रवाई: पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शस्त्र अधिनियम के कई मामलों में वांछित कुंदन ठाकुर अपने साथियों के साथ चकिया इलाके में छिपा है।
नेपाल से दी थी धमकी: सूत्रों के अनुसार, इन अपराधियों ने हाल ही में नेपाल के एक नंबर से चकिया थाने के अधिकारियों को जान से मारने की धमकी दी थी।
मुठभेड़ और बरामदगी: घेराबंदी के दौरान अपराधियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो अपराधी ढेर हुए, जबकि उनके दो अन्य साथी उज्ज्वल और संत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से एक कार्बाइन, पिस्तौल, रिवॉल्वर और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं।
पटना के पंडारक में भी मुठभेड़:
चंपारण के अलावा पटना के पंडारक इलाके में भी एसटीएफ और जिला पुलिस ने एक और सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया। यहाँ संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की गोली से घायल मुख्य आरोपी धीरज कुमार का इलाज अस्पताल में जारी है। इनके पास से दो राइफल और 50 से अधिक कारतूस मिले हैं।
शहीद को नमन:
मुठभेड़ में शहीद हुए श्रीराम यादव की शहादत पर बिहार पुलिस के आला अधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अपराधियों के खिलाफ चलाए गए इस 'क्लीन स्वीप' अभियान ने प्रदेश के गैंगस्टरों के बीच कड़ा संदेश भेजा है।
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