पटना (4 अप्रैल 2026): बिहार सरकार ने अपने सख्त शराबबंदी कानून में लचीलापन लाते हुए नए संशोधन को मंजूरी दी है। अब पहली बार शराब पीते पकड़े जाने वाले व्यक्ति को सीधे जेल भेजने के बजाय भारी जुर्माना और 15 दिनों की अनिवार्य 'सामुदायिक सेवा' (जैसे सफाई या वृक्षारोपण) करनी होगी।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
जेलों पर बोझ: अदालतों और जेलों में शराबबंदी के मामलों के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
जुर्माना: यदि व्यक्ति जुर्माना देने में असमर्थ रहता है, तभी उसे साधारण कारावास की सजा होगी।
आदतन अपराधी: दूसरी या तीसरी बार पकड़े जाने वालों के लिए जेल की सख्त सजा और संपत्ति की कुर्की के नियम पहले की तरह जारी रहेंगे।
नशा मुक्ति: सजा के साथ-साथ अपराधी को सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में परामर्श (Counseling) लेना अनिवार्य होगा।
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