मुंबई (4 अप्रैल 2026): रिजर्व बैंक ने डिजिटल बैंकिंग के ग्राहकों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। साइबर अपराधी अब एआई-आधारित 'वॉइस क्लोनिंग' तकनीक का उपयोग करके बैंक मैनेजर या कस्टमर केयर अधिकारी की हुबहू आवाज में कॉल कर रहे हैं और लोगों से उनके गुप्त पिन और ओटीपी हासिल कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
मोडस ऑपेरंडी: अपराधी पीड़ित के साथ फोन पर बातचीत के दौरान उनके किसी परिचित या विश्वसनीय अधिकारी की आवाज की नकल करते हैं, जिससे पीड़ित आसानी से झांसे में आ जाता है।
बचाव: आरबीआई ने कहा है कि कोई भी बैंक फोन पर कभी भी ओटीपी, पासवर्ड या पिन नहीं मांगता। यदि आवाज संदिग्ध लगे, तो तुरंत कॉल काटकर बैंक की आधिकारिक शाखा में संपर्क करें।
एआई सुरक्षा कवच: बैंक अब 'वॉयस बायोमेट्रिक्स' सुरक्षा को और मजबूत कर रहे हैं ताकि एआई-आवाज और मानव-आवाज के बीच के सूक्ष्म अंतर को पहचाना जा सके।
रिपोर्टिंग: साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत '1930' हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने की सलाह दी गई है।
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