ब्यावर, राजस्थान (2 अप्रैल 2026): डोटासरा ने चेतावनी दी कि संवैधानिक प्रावधानों के बावजूद स्थानीय निकाय चुनाव न कराना जनता के अधिकारों का हनन है।
1. प्रमुख आरोप और मुद्दे:
चुनाव में देरी: डोटासरा ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव हर 5 साल में होना अनिवार्य है, लेकिन सरकार हार के डर से इन्हें टाल रही है।
संवैधानिक मूल्यों का ह्रास: उन्होंने डॉ. बी.आर. आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान द्वारा दिए गए समानता और मतदान के अधिकार को वर्तमान सरकार कमजोर कर रही है।
केंद्र पर निशाना: उन्होंने केवल राज्य ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार पर भी संवैधानिक सिद्धांतों का पालन न करने का आरोप लगाया।
2. "संगठन बढ़ाओ–लोकतंत्र बचाओ" अभियान:
इस अभियान के जरिए कांग्रेस राजस्थान में अपने कैडर को फिर से सक्रिय कर रही है:
कार्यकर्ताओं को संदेश: डोटासरा ने कार्यकर्ताओं से किसानों, गरीबों और छोटे व्यापारियों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को उठाने और अन्याय के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया।
एकजुटता: उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया।
विपक्ष की भूमिका: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सभा को संबोधित करते हुए प्रशासनिक विफलताओं और चुनावी देरी पर सरकार को घेरा।
3. रणनीतिक सारांश:
| मुद्दा | कांग्रेस (डोटासरा) का स्टैंड |
| निकाय चुनाव | देरी अलोकतांत्रिक है; भाजपा जनता का सामना करने से बच रही है। |
| संगठनात्मक ढांचा | राष्ट्र निर्माण और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजबूत संगठन अनिवार्य है। |
| जनता से जुड़ाव | पार्टी का लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाना है। |
निष्कर्ष:
ब्यावर की यह रैली दर्शाती है कि राजस्थान कांग्रेस अब 'चुनावी मोड' में आ गई है। स्थानीय निकाय चुनावों को मुख्य मुद्दा बनाकर डोटासरा ने न केवल सरकार पर दबाव बनाया है, बल्कि कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने की कोशिश भी की है। आने वाले दिनों में यह अभियान राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह की रैलियों के साथ जारी रहेगा।
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