विशाखापत्तनम (4 अप्रैल 2026): भारतीय नौसेना ने अपने बेड़े में एक और शक्तिशाली युद्धपोत 'आईएनएस तारागिरी' को शामिल कर लिया है। 'प्रोजेक्ट 17ए' के तहत निर्मित यह छठा स्टील्थ फ्रिगेट है, जो दुश्मन के रडार से बचने में माहिर है।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
स्वदेशी मारक क्षमता: इस युद्धपोत में 75% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह ब्रह्मोस मिसाइल और बराक-8 जैसी उन्नत हथियार प्रणालियों से लैस है।
रणनीतिक महत्व: हिंद महासागर में बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए 'तारागिरी' की तैनाती भारत की समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगी।
डिजिटल कंट्रोल: यह पूरी तरह से नेटवर्क-सेंट्रिक युद्धपोत है, जिसे रिमोटली मॉनिटर किया जा सकता है।
मेक इन इंडिया: इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (MDL) द्वारा रिकॉर्ड समय में किया गया है।
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