नयी दिल्ली/मॉस्को (4 अप्रैल 2026): भारत ने स्वेज नहर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए एक वैकल्पिक और तेज़ व्यापारिक मार्ग 'INSTC' (इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर) का पूर्ण संचालन शुरू कर दिया है। अब मुंबई से रूस के सेंट पीटर्सबर्ग तक माल पहुँचने में मात्र 22-25 दिन लग रहे हैं, जबकि पुराने मार्ग से इसमें 45 दिन लगते थे।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
चाबहार पोर्ट की भूमिका: ईरान का चाबहार बंदरगाह इस रूट की मुख्य धुरी बन गया है। यहाँ से माल रेल और सड़क मार्ग के जरिए मध्य एशिया और रूस तक पहुँच रहा है।
ऊर्जा सुरक्षा: इस कॉरिडोर के जरिए रूस और मध्य एशियाई देशों से कच्चा तेल, गैस और उर्वरक (Fertilizer) लाना बहुत सस्ता हो गया है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
चीन को चुनौती: इसे चीन के 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) के मुकाबले भारत का एक बड़ा कूटनीतिक जवाब माना जा रहा है। मध्य एशियाई देश अब भारत को एक विश्वसनीय व्यापारिक साझेदार के रूप में देख रहे हैं।
आर्थिक लाभ: लॉजिस्टिक्स लागत कम होने से भारतीय चाय, दवाइयां और कपड़ा यूरोपीय और रूसी बाजारों में अधिक प्रतिस्पर्धी (Competitive) हो गए हैं।
Powered by Froala Editor




