इंफाल (17 मार्च 2026): मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित मोरेह (Moreh) और बोलजांग (Boljang) इलाकों में दो अलग-अलग सफल अभियान चलाए।
1. उग्रवादियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, रविवार को मोरेह पुलिस थाना क्षेत्र से पांच उग्रवादियों को पकड़ा गया। ये उग्रवादी मणिपुर के प्रमुख प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हुए हैं:
PREPAK (पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलीपाक)
KYKL (कांगलेई यावोल कन्ना लूप)
KCP-MFL (कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी - एमएफएल)
ये गिरफ्तारियां सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और संभावित आतंकी गतिविधियों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
2. हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी
बोलजांग पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए एक अन्य तलाशी अभियान में सुरक्षा बलों को हथियारों का एक बड़ा जखीरा मिला। जब्त की गई वस्तुओं की सूची नीचे दी गई है:
| उपकरण/हथियार | मात्रा |
| आईईडी (IED) | 8 (मौके पर ही नष्ट किए गए) |
| पिस्तौल और मैगजीन | 1 सेट |
| मोर्टार (Mortar) | 1 |
| रेडियो सेट (संचार के लिए) | 2 |
| कारतूस (Live Rounds) | 9 |
सुरक्षा प्रोटोकॉल: पुलिस ने जानकारी दी कि बरामद किए गए सभी 8 आईईडी को मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के तहत विशेषज्ञों द्वारा घटनास्थल पर ही नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट कर दिया गया ताकि किसी भी प्रकार का जोखिम न रहे।
निष्कर्ष:
म्यांमार सीमा से सटे इलाकों में उग्रवादी संगठनों की सक्रियता सुरक्षा बलों के लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। आईईडी और रेडियो सेट की बरामदगी यह संकेत देती है कि ये समूह किसी बड़े हमले या समन्वय की योजना बना रहे थे। सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने में मदद की है।
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