भोपाल (4 अप्रैल 2026): मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश कैबिनेट ने आज अपनी पहली 'ई-कैबिनेट' बैठक आयोजित की। अब सचिवालय से कैबिनेट हॉल तक कोई भी कागजी फाइल नहीं जाएगी। सभी मंत्रियों को विशेष रूप से सुरक्षित टैबलेट (Secure Tablets) दिए गए हैं, जिनमें एजेंडा और महत्वपूर्ण दस्तावेज डिजिटल रूप में मौजूद हैं।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
पर्यावरण और बचत: इस पहल से हर साल लाखों कागजों की बचत होगी और छपाई की लागत में करोड़ों रुपये बचेंगे।
त्वरित निर्णय: फाइलों के डिजिटल होने से विभागों के बीच समन्वय तेज़ हो गया है और कैबिनेट के फैसलों को लागू करने में लगने वाला समय 40% कम हुआ है।
सुरक्षा: डेटा को 'स्टेट डेटा सेंटर' के सुरक्षित सर्वर पर रखा गया है, जिसमें बायोमेट्रिक लॉगिन अनिवार्य है।
अन्य विभाग: सरकार का लक्ष्य अगले 6 महीनों में सभी जिला कलेक्टर कार्यालयों को भी पूर्णतः पेपरलेस बनाने का है।
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