रायपुर: जांच एजेंसियों के अनुसार, सट्टेबाजी के इस खेल को रोकने के लिए अब तक के सबसे कड़े कदम उठाए गए हैं, लेकिन प्रमोटर्स डोमेन बदलकर लगातार कानून को चुनौती दे रहे हैं।
1. वेबसाइट्स और ऐप्स पर प्रतिबंध का आंकड़ा:
कुल ब्लॉक वेबसाइट्स: 8,400 से अधिक।
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के तहत: 4,900+ वेबसाइट्स बंद।
ताजा कार्रवाई: हाल ही में 300 अतिरिक्त ऐप्स और मिरर वेबसाइट्स प्रतिबंधित।
खेल का प्रकार: स्पोर्ट्स बेटिंग, ऑनलाइन कैसीनो, स्लॉट मशीन, रूलेट, लाइव डीलर टेबल और पारंपरिक सट्टा-मटका।
2. प्रमोटर्स का 'हाइब्रिड मॉडल' और चकमा देने की रणनीति:
जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी (सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी) गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी रणनीति बदल रहे हैं:
ईरान संकट का लाभ: मध्य-पूर्व (ईरान और आसपास) में बढ़ते तनाव के कारण प्रमोटरों ने अपने मुख्य सर्वर और गुर्गों को भारत के भीतर सुरक्षित और गुप्त ठिकानों पर शिफ्ट कर दिया है।
मिरर वेबसाइट्स: जैसे ही एक डोमेन ब्लॉक होता है, वे तुरंत दूसरे नाम या 'मिरर डोमेन' से सक्रिय हो जाते हैं।
डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टो: लेन-देन के लिए क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग किया जा रहा है, जिससे 'मनी ट्रेल' (पैसों का सुराग) ढूँढना बेहद कठिन हो गया है।
3. वित्तीय चोट और जब्ती:
एजेंसियों ने सिंडिकेट की रीढ़ तोड़ने के लिए भारी जब्ती की है:
जब्त संपत्ति: ₹2,600 करोड़ से अधिक (नकद, बैंक खाते, और अचल संपत्ति)।
चुनौती: लुकआउट सर्कुलर (LOC) और इंटरपोल की सक्रियता के बावजूद मुख्य आरोपी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का लाभ उठाकर एक देश से दूसरे देश भाग रहे हैं।
4. अधिकारियों का निष्कर्ष:
जांच अधिकारियों का मानना है कि केवल ऐप्स को ब्लॉक करना इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जब तक स्थानीय एजेंटों के नेटवर्क और वित्तीय स्रोतों (Financing) को पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया जाता, तब तक ये अपराधी नए नामों से बाजार में लौटते रहेंगे।
प्रमुख जानकारी: एक नज़र में
| विवरण | आंकड़े/जानकारी |
| कुल ब्लॉक डोमेन | 8,400+ |
| कुल जब्त संपत्ति | ₹2,600 करोड़+ |
| मुख्य फरार आरोपी | सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी |
| तकनीकी चुनौती | क्रिप्टोकरेंसी और हाइब्रिड सर्वर मॉडल |
| जांच एजेंसियां | ED, CBI, ACB-EOW |
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