नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): वजन घटाने वाली दवाओं (GLP-1 Agonists) की बढ़ती मांग और उनके अनियंत्रित उपयोग को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये दवाएं केवल गंभीर मोटापे और डायबिटीज के मरीजों के लिए हैं, न कि सामान्य कॉस्मेटिक उपयोग के लिए।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
साइड-इफेक्ट्स: एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि बिना डॉक्टरी सलाह के इन दवाओं के उपयोग से पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं और 'मसल्स लॉस' हो सकता है।
सख्ती: ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने फार्मेसियों को निर्देश दिया है कि वे रिकॉर्ड में डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य रूप से रखें।
कीमत नियंत्रण: सरकार इन दवाओं को 'आवश्यक दवाओं की सूची' (NLEM) में शामिल करने पर विचार कर रही है ताकि इनकी कीमतों पर लगाम लगाई जा सके।
जागरूकता: 'ईट राइट इंडिया' अभियान के तहत लोगों को प्राकृतिक तरीके से वजन घटाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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