जयपुर: मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में निवेश से जुड़े एक कार्यक्रम (Investment Meet) में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच के अटूट और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के संबोधन के प्रमुख बिंदु:
भाई-भाई का रिश्ता: उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश हजारों वर्षों से भाई-भाई की तरह हैं। दोनों राज्यों में अपनी क्षमता और योग्यता के दम पर आगे बढ़ने का पूरा सामर्थ्य है।
रोटी-बेटी और रोटी-पानी: मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच न केवल 'रोटी-बेटी' (पारिवारिक) के संबंध हैं, बल्कि 'रोटी-पानी' (आर्थिक और व्यापारिक) के भी गहरे रिश्ते हैं।
पीएम मोदी का विजन: उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देते हुए कहा कि उनके शासनकाल में इन दोनों राज्यों के संबंध पहले से कहीं अधिक प्रगाढ़ और सहयोगात्मक हुए हैं।
समान अवसर: राजस्थान को अपार संभावनाओं वाला राज्य बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों सरकारें अपने नागरिकों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर देने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
उच्च स्तरीय शिष्टाचार भेंट:
निवेश कार्यक्रम के बाद, डॉ. मोहन यादव ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निवास पर उनसे मुलाकात की।
विशेष उपस्थिति: इस बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद थे।
चर्चा का विषय: इन दिग्गज नेताओं ने दोनों राज्यों के साझा हितों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
रणनीतिक महत्व:
हाल ही में मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच ERCP (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को लेकर हुए ऐतिहासिक समझौतों के बाद, दोनों मुख्यमंत्रियों की यह मुलाकात जल प्रबंधन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर मानी जा रही है।
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