नयी दिल्ली: रूप नगर में एक महिला की मौत का कारण बने 60 फुट लंबे पुल के ढहने के मामले को दिल्ली सरकार ने गंभीरता से लिया है। मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मंगलवार को घोषणा की कि एक विशेष समिति इस हादसे के तकनीकी और प्रशासनिक कारणों की जांच करेगी।
जांच और कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
48 घंटे की समय सीमा: गठित की गई तीन-सदस्यीय समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट अगले 48 घंटों के भीतर सरकार को सौंपनी होगी।
जिम्मेदारी तय होगी: मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर उन अधिकारियों या विभागों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जिनकी लापरवाही से यह हादसा हुआ।
असुरक्षित होने के बावजूद उपयोग: मंत्री ने स्वीकार किया कि इस 'स्टील ट्रस फुट ओवरब्रिज' का निरीक्षण मार्च 2025 में किया गया था और इसे 'संरचनात्मक रूप से असुरक्षित' पाया गया था।
प्रतिबंधों की विफलता: हालांकि जुलाई 2025 में पुल को बंद कर दिया गया था, लेकिन समिति इस बात की जांच करेगी कि प्रतिबंधों के बावजूद लोग इसका उपयोग कैसे कर पा रहे थे।
पूरे दिल्ली के लिए सुरक्षा आदेश:
हादसे से सबक लेते हुए, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग को निर्देश दिया है कि:
राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह के सभी पुराने पुलों का तत्काल सुरक्षा आकलन (Safety Assessment) किया जाए।
जो पुल जर्जर हालत में हैं, उन्हें तुरंत पूरी तरह से सील किया जाए ताकि जनहानि को रोका जा सके।
जर्जर पुलों के स्थान पर नए ढांचों के निर्माण की संभावना तलाशी जाए।
हादसे की पृष्ठभूमि:
यह पुल करीब 33 साल पुराना था और समय के साथ इसकी लोहे की संरचना काफी कमजोर हो चुकी थी। मंगलवार सुबह पुल ढहने से एक महिला की मलबे में दबकर मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक व्यस्त मार्ग था और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण लोग जान जोखिम में डालकर इसे पार कर रहे थे।
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