नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): पेयजल और स्वच्छता विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के गांवों ने स्वच्छता के मामले में नया मुकाम हासिल किया है। 22 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, देश के 5.86 लाख गांवों में से 4.94 लाख (84%) ने खुद को 'ओडीएफ प्लस मॉडल' गांव के रूप में दर्ज कराया है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • कचरा प्रबंधन: लगभग 5.28 लाख गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन (SWM) और 5.45 लाख गांवों में तरल कचरा प्रबंधन (LWM) की व्यवस्था शुरू हो चुकी है।

  • बजट 2026-27: इस वित्तीय वर्ष के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए ₹7,192 करोड़ का बजटीय प्रस्ताव रखा गया है।

  • विजुअल क्लीनलीनेस: अब केवल शौचालय निर्माण पर नहीं, बल्कि गांवों की 'दृश्य स्वच्छता' (Visual Cleanliness) पर ध्यान दिया जा रहा है। इसमें सड़कों के किनारे गंदगी हटाने और सामुदायिक खाद गड्ढों का निर्माण शामिल है।

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