नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): राजधानी में प्रदूषण की समस्या का स्थाई समाधान खोजने के लिए पर्यावरण मंत्रालय ने 'स्मार्ट स्मॉग टावर 2.0' नेटवर्क का उद्घाटन किया है। आनंद विहार और कनॉट प्लेस जैसे हॉटस्पॉट इलाकों में लगे ये टावर एआई सेंसर से लैस हैं जो हवा की गुणवत्ता (AQI) के अनुसार अपनी शुद्धिकरण क्षमता को घटा या बढ़ा सकते हैं।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • प्रदूषण सोखने की क्षमता: एक टावर प्रति सेकंड 1,000 क्यूबिक मीटर हवा को शुद्ध कर सकता है। एआई यह पहचानता है कि किस समय धूल या धुएँ के कण ज्यादा हैं और उसी फिल्टर का उपयोग करता है।

  • कार्बन सिंक (Carbon Sink): इन टावरों से निकलने वाले कार्बन कचरे को दबाकर 'इको-ब्रिक्स' (Eco-bricks) बनाई जा रही हैं, जिनका उपयोग निर्माण कार्यों में होगा।

  • स्वदेशी फिल्ट्रेशन: आईआईटी बॉम्बे द्वारा विकसित विशेष 'नैनो-फिल्टर्स' का उपयोग किया गया है जो 0.3 माइक्रोन तक के सूक्ष्म कणों (PM 2.5) को रोकने में सक्षम हैं।

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