कोरबा: सजायाफ्ता कैदी को अस्पताल में 'वीआईपी ट्रीटमेंट', पुलिस कस्टडी में चलाता रहा मोबाइल

कोरबा: सजायाफ्ता कैदी को अस्पताल में 'वीआईपी ट्रीटमेंट', पुलिस कस्टडी में चलाता रहा मोबाइल

12, 2, 2026

0

image

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से कानून की धज्जियां उड़ाने वाला एक मामला सामने आया है। चेक बाउंस मामले में न्यायालय से सजा पा चुके एक अपराधी को जेल की सलाखों के पीछे होने के बजाय जिला मेडिकल कॉलेज के एक अलग कमरे में 'वीआईपी सुविधाएं' दी जा रही थीं। पुलिस की मौजूदगी में अपराधी के मोबाइल चलाने का वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपित अपूर्व वासन को चेक बाउंस के एक मामले में न्यायालय ने दोषी करार देते हुए छह दिन जेल की सजा सुनाई थी। नियमानुसार, आरोपी को तत्काल जेल भेजा जाना था, लेकिन जेल जाने के बजाय उसे खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर 6 मार्च को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।

नियमों को ताक पर रखकर दी गईं सुविधाएं

अस्पताल के भीतर जो नजारा देखने को मिला, उसने जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • निजी कमरा (VIP Room): आरोपी को किसी सामान्य वार्ड या गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए बने ICU में रखने के बजाय, एक अलग निजी कमरा आवंटित किया गया था।

  • खुलेआम मोबाइल का उपयोग: वायरल वीडियो में आरोपी अपूर्व वासन पुलिसकर्मी की मौजूदगी में बेखौफ होकर मोबाइल फोन चलाते हुए दिखाई दे रहा है।

  • अस्पताल में घूमना-फिरना: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह किसी कैदी की तरह नहीं, बल्कि एक सामान्य व्यक्ति की तरह अस्पताल परिसर में घूमता-फिरता नजर आता था।

वीडियो वायरल होने पर आनन-फानन में छुट्टी

जैसे ही आरोपी का मोबाइल चलाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और खबर उच्च अधिकारियों तक पहुँची, अस्पताल प्रबंधन और संबंधित विभाग में खलबली मच गई। अपनी साख बचाने के लिए प्रशासन ने आनन-फानन में आरोपी को अस्पताल से डिस्चार्ज (छुट्टी) कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

Powered by Froala Editor