बीजापुर: गंगालूर पोर्टा केबिन में फिर शर्मसार हुई व्यवस्था; 3 छात्राएं मिलीं गर्भवती, 2 साल में चौथा मामला

बीजापुर: गंगालूर पोर्टा केबिन में फिर शर्मसार हुई व्यवस्था; 3 छात्राएं मिलीं गर्भवती, 2 साल में चौथा मामला

12, 2, 2026

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बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित पोर्टा केबिन (आवासीय विद्यालय) परिसर से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ रहने वाली तीन छात्राओं के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से दो छात्राएं नाबालिग हैं। इस घटना ने बस्तर संभाग के आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

एक ही परिसर, दो अलग-अलग स्कूल

जानकारी के अनुसार, ये तीनों छात्राएं एक ही छात्रावास परिसर में रह रही थीं।

  • इनमें से एक छात्रा RMSA (राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान) के तहत संचालित पोर्टा केबिन स्कूल की है।

  • अन्य दो छात्राएं सामने स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल की छात्राएं बताई जा रही हैं। तीनों ही छात्राएं हायर सेकंडरी (11वीं और 12वीं) की छात्राएं हैं। स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों (गर्भावस्था कार्ड) ने उनके गर्भवती होने की आधिकारिक पुष्टि की है।

5 महीने तक छिपाया गया मामला?

पड़ताल में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि प्रबंधन को इस मामले की जानकारी लगभग पांच महीने पहले ही लग गई थी। मामले को दबाने के लिए छात्राओं को चुपचाप संस्था से हटा दिया गया।

  • अधिकारियों की भूमिका पर सवाल: पीड़ित छात्रा के परिजनों का आरोप है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने घर पहुँचकर इस मामले को सार्वजनिक न करने का दबाव बनाया।

  • परीक्षा और अनुपस्थिति: छात्राएं लंबे समय से स्कूल नहीं आ रही थीं, लेकिन उनमें से दो छात्राओं ने हाल ही में हुई 12वीं की परीक्षा दी है। एक छात्रा वर्तमान में अपने घर के बजाय संबंधित लड़के के घर पर रह रही है।

प्रबंधन की लापरवाही और नियमों का उल्लंघन

नियमों के अनुसार, छात्रावासों में हर महीने छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण (Medical Check-up) अनिवार्य है, लेकिन गंगालूर में यह व्यवस्था कागजों तक सीमित रही।

  • अधीक्षिका का पल्ला झाड़ना: छात्रावास अधीक्षिका मीरा तिग्गा ने इसे अपने कार्यकाल का मामला मानने से इनकार कर दिया है।

  • पंचायत का आक्रोश: स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि जब छात्राएं अवकाश से लौटती हैं, तो उनका स्वास्थ्य परीक्षण क्यों नहीं कराया गया?

पुराना इतिहास: पहले भी अस्पताल में गूँजी थी किलकारी

यह गंगालूर पोर्टा केबिन का पहला मामला नहीं है। पिछले दो वर्षों में यह चौथा मामला है। मार्च 2024 में भी इसी छात्रावास की एक छात्रा ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था, जिसे बाद में 'आपसी समझौते' के नाम पर दबा दिया गया था। बार-बार होती ये घटनाएं छात्रावासों के भीतर के वातावरण और सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती हैं।

प्रशासनिक रुख: कलेक्टर ने कहा- धीरे आएगा सामाजिक बदलाव

मामला सुर्खियों में आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की टीम जाँच के लिए गाँव पहुँची है। वहीं, बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा ने कहा कि छात्राएं अपने गाँव आती-जाती रहती हैं और संभवतः उसी दौरान ऐसी घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि विभाग जागरूकता के प्रयास कर रहा है, लेकिन सामाजिक बदलाव में समय लगेगा।

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