राज्यसभा में गूँजा स्कूलों की बदहाली का मुद्दा: छत्तीसगढ़ के 5000 स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय नहीं; रंजीत रंजन ने सरकार को घेरा

राज्यसभा में गूँजा स्कूलों की बदहाली का मुद्दा: छत्तीसगढ़ के 5000 स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय नहीं; रंजीत रंजन ने सरकार को घेरा

12, 2, 2026

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नई दिल्ली/रायपुर: देश में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे नारों के बीच सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत ने एक बार फिर व्यवस्था की पोल खोल दी है। राज्यसभा में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद रंजीत रंजन ने छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे की कमी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आंकड़ों के हवाले से बताया कि छत्तीसगढ़ समेत देशभर के हजारों स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय तक नहीं है।

छत्तीसगढ़ के 5,000 स्कूलों में शौचालय का अभाव

सांसद रंजीत रंजन ने सदन को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5,000 से अधिक सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहाँ छात्राओं के लिए अलग शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है।

  • हाई कोर्ट का हस्तक्षेप: इस गंभीर विषय पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भी कड़ा संज्ञान लिया है और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

  • ड्रॉपआउट का मुख्य कारण: सांसद ने कहा कि शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा न होने के कारण छात्राएं मासिक धर्म (Periods) और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं के चलते बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (Drop-out) को मजबूर हो जाती हैं।

देशभर की स्थिति भयावह: UNICEF की रिपोर्ट का हवाला

रंजीत रंजन ने बताया कि यह समस्या केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रीय संकट है।

  1. शौचालय विहीन स्कूल: देशभर में करीब 10,000 स्कूल ऐसे हैं जहाँ शौचालय की सुविधा शून्य है।

  2. UNICEF का आंकड़ा: यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 22 प्रतिशत स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है।

  3. अभियान बनाम हकीकत: उन्होंने सवाल उठाया कि अगर स्कूलों में सुरक्षा और स्वच्छता ही नहीं होगी, तो सरकार के बड़े-बड़े अभियानों का क्या औचित्य रह जाएगा?

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना

कांग्रेस ने रंजीत रंजन के इस भाषण को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने लिखा कि "सरकारी मंचों से केवल बातें की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हमारी बेटियां आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही हैं।"

सांसद की सरकार से प्रमुख मांगें

सदन के माध्यम से रंजीत रंजन ने केंद्र सरकार से निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह किया है:

  • व्यापक राष्ट्रीय सर्वे: देशभर के सभी सरकारी स्कूलों का एक विस्तृत सर्वे कराया जाए ताकि सुविधाओं की कमी का पता चल सके।

  • समय सीमा में निर्माण: एक निश्चित समय सीमा के भीतर हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग और स्वच्छ शौचालय सुनिश्चित किए जाएं।

  • स्वच्छता और सुरक्षा: केवल शौचालय बनाना काफी नहीं है, उनकी नियमित सफाई और छात्राओं की सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम हो।

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