बालोद: महिला से सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट और गाली-गलौज; 'ग्राम विकास समिति' ने मोटी रकम लेकर मामला दबाने की रची साजिश

बालोद: महिला से सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट और गाली-गलौज; 'ग्राम विकास समिति' ने मोटी रकम लेकर मामला दबाने की रची साजिश

12, 2, 2026

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बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक खबर सामने आई है। बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम करहीभदर इलाके में एक महिला के साथ तीन युवकों ने न केवल सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया, बल्कि उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज भी की। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर अपराध को गाँव की 'ग्राम विकास समिति' ने एक बैठक बुलाकर मोटी रकम के बदले रफा-दफा करने की कोशिश की।

20 दिन पुरानी घटना, 7 मार्च को हुआ खुलासा

मिली जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक वारदात करीब 20 दिन पहले की है। पीड़िता लोक-लाज और डर के मारे चुप रही। लेकिन मामला तब सामने आया जब 7 मार्च को गाँव में ग्राम विकास समिति की एक बैठक बुलाई गई। आरोप है कि इस बैठक में आरोपितों से एक मोटी रकम लेकर पीड़िता पर समझौता करने का दबाव बनाया गया और मामले को पुलिस तक न पहुँचने देने की साजिश रची गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: दो गिरफ्तार, एक फरार

जैसे ही इस सामाजिक समझौते और दुष्कर्म की खबर बालोद पुलिस को लगी, हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल पीड़िता से संपर्क किया और उसकी शिकायत पर मामला दर्ज किया।

  • गिरफ्तारी: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

  • तलाश जारी: वारदात में शामिल एक अन्य आरोपित अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

'ग्राम विकास समिति' की भूमिका पर उठते सवाल

इस मामले ने छत्तीसगढ़ में 'समानांतर न्याय व्यवस्था' चलाने वाली ग्रामीण पंचायतों और समितियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामूहिक दुष्कर्म जैसे गैर-जमानती और जघन्य अपराध में 'मोटी रकम' लेकर समझौता कराना न केवल अवैध है, बल्कि यह अपराधियों को संरक्षण देने जैसा है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि समिति के किन-किन सदस्यों ने इस समझौते में भूमिका निभाई और क्या उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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