छत्तीसगढ़ की मुखर नेत्री लक्ष्मी वर्मा का दिल्ली दरबार तक का सफर: पार्षद से राज्यसभा सांसद तक, निर्विरोध निर्वाचन से महिलाओं में भारी उत्साह

छत्तीसगढ़ की मुखर नेत्री लक्ष्मी वर्मा का दिल्ली दरबार तक का सफर: पार्षद से राज्यसभा सांसद तक, निर्विरोध निर्वाचन से महिलाओं में भारी उत्साह

12, 2, 2026

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ और मुखर नेत्री लक्ष्मी वर्मा अब राज्यसभा की सदस्य (MP) चुन ली गई हैं। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, किसी अन्य प्रतिद्वंद्वी के मैदान में न होने के कारण उनका निर्वाचन निर्विरोध रहा। रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें जीत का आधिकारिक प्रमाणपत्र सौंपा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाओं में उत्साह की लहर है।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुआ था नामांकन

लक्ष्मी वर्मा ने 5 मार्च को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की गरिमामयी मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था। पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें उच्च सदन के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था, जिस पर अब आधिकारिक मुहर लग चुकी है।

साधारण कार्यकर्ता से सांसद तक: 35 वर्षों का सफर

मूल रूप से बलौदाबाजार जिले के मुड़पार गांव की रहने वाली लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक करियर समर्पण और संघर्ष की कहानी है:

  • शुरुआत (1990): उन्होंने साल 1990 में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता लेकर सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी।

  • सांसद प्रतिनिधि (2000): पूर्व राज्यपाल और तत्कालीन सांसद रमेश बैस ने उन्हें अपना सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया, जिससे उन्हें संसदीय कार्यों का गहरा अनुभव प्राप्त हुआ।

  • संगठन में भूमिका: साल 2001 में उन्हें महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति में जगह मिली। इसके बाद 2010 से 2014 के बीच उन्होंने पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य के रूप में अपनी राष्ट्रीय पहचान बनाई।

  • प्रदेश नेतृत्व: हाल ही में 2021 से 2025 तक उन्होंने भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूती दी।

जमीनी स्तर पर प्रशासनिक अनुभव

लक्ष्मी वर्मा उन चुनिंदा नेताओं में से हैं जिन्होंने जमीनी स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रशासनिक पदों को संभाला है:

  1. पार्षद (1994): वे रायपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 7 से पहली बार पार्षद निर्वाचित हुई थीं।

  2. जिला पंचायत अध्यक्ष (2010): उन्होंने रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।

  3. जिला प्रभारी: गरियाबंद जिले की संगठन प्रभारी और पार्टी की आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में उन्होंने अपनी कुशल वक्ता और रणनीतिकार की छवि पेश की।

क्यों अहम है लक्ष्मी वर्मा का चयन?

भाजपा ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा भेजकर ओबीसी (OBC) वर्ग और महिला सशक्तिकरण का एक बड़ा संदेश दिया है। उनकी ग्रामीण पृष्ठभूमि और पंचायती राज में उनकी गहरी पकड़ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की पैठ को और मजबूत करने में मदद करेगी।

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