खैरागढ़: स्व. देवव्रत सिंह के सील बंगले में CAF जवान की संदिग्ध मौत; उदयपुर पैलेस परिसर में मची खलबली, FSL टीम जांच में जुटी

खैरागढ़: स्व. देवव्रत सिंह के सील बंगले में CAF जवान की संदिग्ध मौत; उदयपुर पैलेस परिसर में मची खलबली, FSL टीम जांच में जुटी

12, 2, 2026

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खैरागढ़/छुईखदान: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले के उदयपुर से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। पूर्व सांसद व पूर्व विधायक स्व. देवव्रत सिंह के ऐतिहासिक बंगले (पैलेस) में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के एक जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली है। हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी और संवेदनशील सुरक्षा जोन में हुई इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात था जवान

मिली जानकारी के अनुसार, छुईखदान थाना क्षेत्र के उदयपुर स्थित इस बंगले की सुरक्षा के लिए CAF की टुकड़ी तैनात की गई है। सोमवार को ड्यूटी के दौरान जवान की लाश मिलने से परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

  • विवादित पृष्ठभूमि: पूर्व राजा देवव्रत सिंह के आकस्मिक निधन के बाद उनके उत्तराधिकारियों के बीच संपत्ति को लेकर गहरा विवाद चल रहा है। इसी विवाद और सुरक्षा कारणों के चलते प्रशासन ने इस निवास को सील कर दिया था, जिसकी निगरानी के लिए पुलिस और सीएएफ के जवानों को लगाया गया है।

फॉरेंसिक टीम (FSL) ने संभाला मोर्चा

मामले की गंभीरता और पैलेस से जुड़े संपत्ति विवाद को देखते हुए पुलिस कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती।

  1. मौके पर पहुँची पुलिस: छुईखदान पुलिस ने तत्काल घटना स्थल को अपने घेरे में ले लिया है।

  2. वैज्ञानिक जांच: मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया गया है। टीम मौके से उंगलियों के निशान (Fingerprints) और अन्य साक्ष्य जुटा रही है।

  3. संदिग्ध परिस्थितियां: पुलिस अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर पाई है कि यह आत्महत्या का मामला है, कोई आकस्मिक दुर्घटना या कुछ और। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

परिजनों और विभाग में शोक

मृतक जवान की पहचान और उसके सेवा रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पैलेस जैसी संवेदनशील जगह पर जवान की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात कर्मियों के मानसिक दबाव जैसे पहलुओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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