रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली को चुनौती: मौदहापारा में खूनी संघर्ष; चाकूबाजी के बाद जमकर चले पत्थर और तलवारें, इलाके में भारी तनाव
आज की ताजा खबर
LIVE

रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली को चुनौती: मौदहापारा में खूनी संघर्ष; चाकूबाजी के बाद जमकर चले पत्थर और तलवारें, इलाके में भारी तनाव

12, 2, 2026

19

image

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अपराधियों पर लगाम कसने के दावों के बीच मौदहापारा इलाके से कानून-व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ सोमवार शाम को दो गुटों के बीच न केवल चाकूबाजी हुई, बल्कि देर रात तक पत्थरबाजी और तलवारें लहराने की घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा।

चाकूबाजी से शुरू हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत सोमवार शाम को हुई जब रवि रक्सेल, अभय और उनके साथियों ने दो युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया।

  • हमला: आरोपियों ने दोनों युवकों पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।

  • अस्पताल में भर्ती: गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को तत्काल अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

अस्पताल के बाहर तलवारों के साथ जमावड़ा

चाकूबाजी की इस घटना के बाद मामला शांत होने के बजाय और उग्र हो गया। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद रक्सेल परिवार के लोग अंबेडकर अस्पताल के पास स्थित मरही माता मंदिर के पास तलवारें लेकर इकट्ठा हो गए और दूसरे पक्ष का इंतजार करने लगे। इससे अस्पताल परिसर और आसपास के लोगों में डर का माहौल व्याप्त हो गया।

जमकर हुई पत्थरबाजी

घटना के बाद पीड़ित और आरोपी पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ।

  • आरोप-प्रत्यारोप: घायल युवक के परिजनों का आरोप है कि रक्सेल परिवार के लोगों ने पहले उनके घर पर पथराव शुरू किया, जिसके बचाव और जवाब में उन्होंने भी पत्थर चलाए।

  • तनावपूर्ण स्थिति: पत्थरबाजी के कारण सड़क पर काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही और वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।

पुलिस छावनी में तब्दील हुआ मौदहापारा

वारदात की सूचना मिलते ही मौदहापारा थाना पुलिस की टीम अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि दोबारा संघर्ष की स्थिति न बने। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।


कमिश्नरेट प्रणाली पर उठते सवाल

राजधानी में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होने का मुख्य उद्देश्य अपराधों पर त्वरित नियंत्रण और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना था। लेकिन मौदहापारा जैसी घटनाएं, जहाँ खुलेआम तलवारें लहराई जा रही हैं और पथराव हो रहा है, पुलिस के दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं।

Powered by Froala Editor