वैश्विक ऊर्जा संकट: होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 1000 जहाज; ट्रंप ने 7 देशों से मांगी सैन्य मदद, ईरान ने दी चेतावनी

वैश्विक ऊर्जा संकट: होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 1000 जहाज; ट्रंप ने 7 देशों से मांगी सैन्य मदद, ईरान ने दी चेतावनी

12, 2, 2026

1

image

दुबई/वॉशिंगटन: ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापारिक धमनी, होर्मुज जलडमरूमध्य, को लगभग ठप कर दिया है। इस समुद्री मार्ग पर सुरक्षा चिंताओं के कारण जहाजों की भारी भीड़ जमा हो गई है, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आपूर्ति बाधित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

1. होर्मुज में 'ट्रैफिक जाम': 200 ऑयल टैंकर फंसे

रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के इंतजार में करीब 1000 जहाज लंगर डाले खड़े हैं।

  • ऑयल टैंकर: इन जहाजों में लगभग 200 कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं, जो दुनिया की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

  • महत्व: दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और भारी मात्रा में LNG इसी 33 किलोमीटर चौड़े समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।

2. राष्ट्रपति ट्रंप की '7 देशों' वाली अपील

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की मांग की है:

  • युद्धपोतों की मांग: ट्रंप ने रविवार (15 मार्च 2026) को बताया कि उन्होंने करीब 7 देशों (जिनमें चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन शामिल हैं) से अपने युद्धपोत भेजने की मांग की है।

  • तर्क: ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह मार्ग अमेरिका के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं है क्योंकि वह ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर है, लेकिन चीन जैसे देशों को अपना 90% तेल इसी रास्ते से मिलता है। हालांकि, अब तक किसी भी देश ने अपनी सैन्य प्रतिबद्धता पर मुहर नहीं लगाई है।

3. ईरान का रुख: "दुश्मनों के लिए बंद, दोस्तों के लिए खुला"

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस स्थिति पर तेहरान का रुख स्पष्ट किया है:

  • चुनिंदा पाबंदी: अराघची के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं है। यह केवल अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद किया गया है।

  • सुरक्षा चिंताएं: उन्होंने कहा कि कई देशों ने अपने जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग की मांग की है, लेकिन अधिकांश कंपनियां 'सुरक्षा जोखिम' के कारण खुद ही यहाँ से गुजरने से बच रही हैं।


युद्ध का भयावह असर: हताहतों के आंकड़े

पश्चिम एशिया में जारी इस युद्ध ने अब तक हजारों परिवारों को उजाड़ दिया है:

  • ईरान: इंटरनेशनल कमेटी फॉर रेड क्रॉस (ICRC) के अनुसार, इजराइली और अमेरिकी हमलों में ईरान में अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सैकड़ों महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

  • इजराइल: ईरानी मिसाइल हमलों में अब तक कम से कम 14 लोगों (12 नागरिक और 2 सैनिक) की जान गई है। सोमवार तड़के हुए ताजा हमलों में तेल अवीव और मध्य इजराइल में भारी क्षति की खबर है।

  • लेबनान: इजराइल और हिजबुल्ला के बीच संघर्ष में अब तक 820 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

ताजा घटनाक्रम (सोमवार, 16 मार्च 2026)

सोमवार तड़के ईरान ने इजराइल पर मिसाइलों की नई खेप दागी। ऋषिकोन लेज़ियन और यरूशलेम के पास कई मिसाइलें गिरीं, जिससे इमारतों को नुकसान पहुँचा और कुछ लोग घायल हुए। वहीं सऊदी अरब ने भी अपने हवाई क्षेत्र में घुसने वाले 60 से ज्यादा ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है

Powered by Froala Editor