CG विधानसभा में अवैध प्लॉटिंग पर घमासान: विपक्ष का वॉकआउट; अजय चंद्राकर ने अपनी ही सरकार को घेरा, मंत्री से पूछा- "दोषियों पर कार्रवाई कब?"
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CG विधानसभा में अवैध प्लॉटिंग पर घमासान: विपक्ष का वॉकआउट; अजय चंद्राकर ने अपनी ही सरकार को घेरा, मंत्री से पूछा- "दोषियों पर कार्रवाई कब?"

12, 2, 2026

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रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा छाया रहा। कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम द्वारा धमतरी और कांकेर जिले में हो रही अवैध प्लॉटिंग पर उठाए गए सवाल ने जल्द ही एक बड़े राजनीतिक दंगल का रूप ले लिया।

धमतरी और कांकेर में अवैध प्लॉटिंग का मामला

विधायक अंबिका मरकाम के सवाल का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जिलेवार आंकड़े प्रस्तुत किए:

  • शिकायतें: पिछले दो वर्षों में धमतरी में 3 और कांकेर में 175 खसरों से जुड़ी अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें मिलीं।

  • अब तक कार्रवाई: कांकेर के 167 खसरों की जांच अभी प्रक्रियाधीन है। लापरवाही बरतने पर 3 पटवारियों की वेतन वृद्धि रोकी गई है और तहसीलदार को नोटिस जारी किया गया है।

  • मंत्री का तर्क: मंत्री ने कहा कि यह विभाग की सक्रियता है कि उन्होंने बिना किसी बाहरी शिकायत के खुद संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की।

अजय चंद्राकर के 'तीखे' सवाल

सदन में उस वक्त स्थिति दिलचस्प हो गई जब सत्ता पक्ष (BJP) के ही वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने अपनी सरकार के मंत्री को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने पूछा:

  1. विरोधभास: यदि विभाग सक्रिय है और उसने खुद कार्रवाई की है, तो फिर पटवारियों की वेतन वृद्धि क्यों रोकी गई और उन्हें नोटिस क्यों दिया गया?

  2. देरी का कारण: मामला 2-3 साल पुराना है, तो अब तक भू-माफियाओं और अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

  3. समय सीमा: उन्होंने मंत्री से दोषियों पर कार्रवाई के लिए एक निश्चित समय सीमा बताने की मांग की, जिससे मंत्री ने इनकार कर दिया।

EOW जांच की मांग और विपक्ष का वॉकआउट

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस के अन्य विधायकों ने इस मामले में बड़े अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया।

  • जांच की मांग: विपक्ष ने पूरे मामले की जांच EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) से कराने की मांग की।

  • मंत्री का इनकार: राजस्व मंत्री ने EOW जांच से साफ इनकार करते हुए कहा कि राजस्व अमला इस जांच के लिए पूरी तरह सक्षम है।

  • बहिष्कार: सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर और 'भू-माफियाओं को संरक्षण' देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया।


प्रमुख बिंदु (Key Highlights):

  • राजस्व मंत्री: टंकराम वर्मा ने विभाग को 'सक्षम' बताकर बाहरी जांच से इनकार किया।

  • सत्ता पक्ष का रुख: अजय चंद्राकर के तेवरों ने संकेत दिया कि अवैध प्लॉटिंग के मुद्दे पर सरकार के भीतर भी असंतोष है।

  • विपक्ष का आरोप: अधिकारियों और भू-माफियाओं के बीच सांठगांठ का दावा।

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