इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: 'डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया' के मंत्र के साथ वैश्विक शक्ति बनने की ओर भारत; जुटीं दुनिया की दिग्गज हस्तियां
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इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: 'डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया' के मंत्र के साथ वैश्विक शक्ति बनने की ओर भारत; जुटीं दुनिया की दिग्गज हस्तियां

12, 2, 2026

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नई दिल्ली (18 मार्च 2026): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह भारत मंडपम में 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' का भव्य उद्घाटन किया। इस सम्मेलन ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनने की दिशा में अग्रसर है। प्रधानमंत्री ने एआई (Artificial Intelligence) को मानव इतिहास का 'टर्निंग प्वाइंट' करार दिया।

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु

  • ऐतिहासिक अवसर: पीएम मोदी ने कहा कि एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि पूरी मानवता के विकास के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।

  • नया नारा: उन्होंने "डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया" (Design and Develop in India) का आह्वान किया, जिसका उद्देश्य एआई सॉल्यूशंस को भारत की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना और उसे वैश्विक स्तर पर निर्यात करना है।

  • एआई फॉर ऑल: प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।

वैश्विक नेताओं का महाकुंभ

इस समिट की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें दुनिया के कई प्रभावशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने शिरकत की। उद्घाटन सत्र के बाद सभी नेताओं ने एक 'ग्रुप फोटो' के जरिए वैश्विक एकजुटता का संदेश दिया।

प्रमुख प्रतिभागी:

  • यूरोप: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ़, फिनलैंड के पीएम पेटेरी ओर्पो और एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस।

  • दक्षिण अमेरिका: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा

  • पड़ोसी देश: भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके

  • खाड़ी देश: अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान

समिट का उद्देश्य और महत्व

  1. तकनीकी साझेदारी: विभिन्न देशों के साथ एआई सुरक्षा (AI Safety) और एथिक्स पर साझा प्रोटोकॉल बनाना।

  2. स्टार्टअप ईकोसिस्टम: भारतीय एआई स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच और निवेश उपलब्ध कराना।

  3. भविष्य की रणनीति: शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में एआई के प्रभावकारी उपयोग की रूपरेखा तैयार करना।


निष्कर्ष

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 यह सिद्ध करता है कि भारत आने वाले समय में एआई की वैश्विक गवर्नेंस में एक निर्णायक भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री मोदी का 'टर्निंग प्वाइंट' वाला बयान इस ओर इशारा करता है कि भारत अब तकनीक के इस नए युग का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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