रायपुर में कांग्रेस का 'हल्ला बोल': सचिन पायलट की मौजूदगी में विधानसभा घेराव का प्रयास; सत्ता पक्ष ने बताया 'फ्लॉप शो'
आज की ताजा खबर
LIVE

रायपुर में कांग्रेस का 'हल्ला बोल': सचिन पायलट की मौजूदगी में विधानसभा घेराव का प्रयास; सत्ता पक्ष ने बताया 'फ्लॉप शो'

12, 2, 2026

22

image

रायपुर (18 मार्च 2026): छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने आज राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। भारत माता चौक से विधानसभा तक निकले इस पैदल मार्च में कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता और हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए।

1. प्रदर्शन के मुख्य मुद्दे: किन आरोपों पर घेरा?

कांग्रेस ने राज्य और केंद्र सरकार को घेरने के लिए स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों का एक 'कॉम्बो' तैयार किया था:

  • कानून व्यवस्था: प्रदेश में बढ़ते अपराध और हाल की कुछ घटनाओं को लेकर गृह विभाग की विफलता का आरोप।

  • VG-G-RAM G कानून: इस नए प्रस्तावित कानून को लेकर किसानों और ग्रामीणों के बीच भ्रम और विरोध।

  • महंगाई: LPG (रसोई गैस) के बढ़ते दाम और बाजार में इसकी किल्लत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना।

  • खेती-किसानी: अफीम की खेती की चर्चा और धान खरीदी की प्रक्रिया में आ रही तकनीकी समस्याओं का मुद्दा।

2. दिग्गज नेताओं का जमावड़ा और दावे

  • सचिन पायलट: उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि भाजपा की नीतियां जनविरोधी हैं और देश में बदलाव की लहर चल रही है।

  • दीपक बैज व पूर्व मुख्यमंत्री: पीसीसी चीफ और पूर्व सीएम ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की वापसी तय है और 2028 तक केंद्र में भी सत्ता परिवर्तन होगा।

  • झूमा-झटकी: बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद कई बड़े नेताओं को हिरासत में लिया गया।

3. सत्ता पक्ष (BJP) का पलटवार: "मुद्दाहीन प्रदर्शन"

भाजपा सरकार के मंत्रियों और दिग्गज नेताओं ने इस प्रदर्शन को सिरे से खारिज कर दिया:

  • डूबता जहाज: भाजपा ने तंज कसा कि कांग्रेस एक 'डूबता हुआ जहाज' है और यह प्रदर्शन केवल अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता (Relevance) बचाए रखने की एक कोशिश है।

  • दिशाहीन: सत्ता पक्ष का आरोप है कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे काल्पनिक डर (जैसे अफीम की खेती या कानून का डर) दिखाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।

  • फ्लॉप शो: मंत्रियों के अनुसार, विधानसभा घेराव का यह प्रयास पूरी तरह विफल रहा और जनता ने इसे नकार दिया है।

4. विश्लेषण: क्या यह केवल 'चुनावी वार्मअप' है?

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस प्रदर्शन के पीछे तीन मुख्य उद्देश्य हो सकते हैं:

  1. कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना: हार के बाद सुस्त पड़े जमीनी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना।

  2. सचिन पायलट का प्रभाव: केंद्रीय नेतृत्व (विशेषकर पायलट) की सक्रियता यह दर्शाती है कि हाईकमान छत्तीसगढ़ को लेकर गंभीर है।

  3. मुद्दों की टेस्टिंग: आगामी चुनावों के लिए जनता के बीच किन मुद्दों (जैसे LPG या स्थानीय कानून) की सबसे ज्यादा गूंज है, उसे परखना।

Powered by Froala Editor