लोकसभा में विपक्ष की 'घर वापसी': 8 सांसदों का निलंबन रद्द; स्पीकर ओम बिरला ने खींची मर्यादा की नई 'लक्ष्मण रेखा', AI तस्वीरों पर भी लगा बैन

लोकसभा में विपक्ष की 'घर वापसी': 8 सांसदों का निलंबन रद्द; स्पीकर ओम बिरला ने खींची मर्यादा की नई 'लक्ष्मण रेखा', AI तस्वीरों पर भी लगा बैन

12, 2, 2026

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नई दिल्ली (18 मार्च 2026): लोकसभा में मंगलवार को पक्ष और विपक्ष के बीच सुलह की एक नई तस्वीर देखने को मिली। सदन ने 4 फरवरी से निलंबित चल रहे 8 विपक्षी सांसदों की वापसी के प्रस्ताव को ध्वनि मत से स्वीकार कर लिया। हालांकि, इस राहत के साथ ही सदन की गरिमा को लेकर कड़े नियम भी लागू कर दिए गए हैं।

1. निलंबन वापसी का पूरा मामला

  • सांसद: वापसी करने वाले सांसदों में कांग्रेस के 7 और सीपीआई-एम (CPM) का 1 सांसद शामिल है।

  • पृष्ठभूमि: इन सांसदों को 4 फरवरी 2026 को चीन सीमा विवाद पर चर्चा के दौरान पीठासीन अधिकारी की ओर कागज फेंकने और अभद्र व्यवहार के आरोप में पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया था।

  • प्रस्ताव: निलंबन वापसी का प्रस्ताव कांग्रेस सांसद के. सुरेश समेत तीन सांसदों ने रखा, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

2. स्पीकर की नई 'गाइडलाइन': AI और तख्तियों पर रोक

सांसदों की वापसी के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के सुचारू संचालन के लिए नई हिदायत जारी की है:

  • AI पर लगाम: अब सदन के भीतर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा तैयार की गई कोई भी भ्रामक तस्वीर या कंटेंट प्रदर्शित नहीं किया जा सकेगा। यह संसद के इतिहास में तकनीक के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया पहला बड़ा कदम है।

  • तख्तियों का निषेध: सदन में तख्तियां (Placards) लाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

  • मर्यादा का पालन: अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विरोध का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन वह पीठासीन अधिकारी की गरिमा के विरुद्ध नहीं होना चाहिए।

3. राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

  • विपक्ष का रुख: सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की भी है। वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया।

  • सत्ता पक्ष: सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री ने उम्मीद जताई कि अब शेष सत्र में चीन सीमा विवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक बहस हो सकेगी।


निष्कर्ष: आगे की राह

सांसदों की वापसी से विपक्ष की संख्याबल में तो बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अब चुनौती यह है कि क्या सदन बिना हंगामे के चल पाएगा? स्पीकर द्वारा AI तस्वीरों पर लगाई गई रोक यह दर्शाती है कि संसद अब आधुनिक तकनीक से पैदा होने वाली भ्रामक सूचनाओं (Misinformation) को लेकर बेहद सतर्क है।

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