विधानसभा में बोले CM साय: "कांग्रेस का शासन केवल एटीएम और कुशासन का दौर था; हमने सिंचाई और कनेक्टिविटी में बढ़ाई दोगुनी रफ्तार"

विधानसभा में बोले CM साय: "कांग्रेस का शासन केवल एटीएम और कुशासन का दौर था; हमने सिंचाई और कनेक्टिविटी में बढ़ाई दोगुनी रफ्तार"

12, 2, 2026

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार 'सुशासन' की दिशा में काम कर रही है, जबकि पिछला शासन भ्रष्टाचार और माफिया राज का केंद्र बन चुका था।

1. भ्रष्टाचार और 'एटीएम' संस्कृति पर प्रहार

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस शासन की कार्यप्रणाली पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा:

  • शराब घोटाला: आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि शराब दुकानों में दो काउंटर चलते थे—एक सरकारी और दूसरा कांग्रेस का "एटीएम"

  • संसाधनों की लूट: खनिज राजस्व, ट्रांजिट पास और DMF (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) के नियमों की अनदेखी कर प्रदेश के खजाने को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया।

  • दागी नियुक्तियां: युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और केवल चहेते परिवारों को नौकरी देने का दावा किया, जिसकी जांच अब कानून के दायरे में है।

2. कृषि और सिंचाई: आंकड़ों के साथ पलटवार

सिंचाई क्षेत्र में विकास की गति को लेकर मुख्यमंत्री ने पिछले पांच वर्षों बनाम अपनी सरकार के दो वर्षों का डेटा पेश किया:

विवरणकांग्रेस शासन (5 वर्ष)साय सरकार (2 वर्ष)
स्वीकृत कार्य (राशि)₹5,794 करोड़₹11,107 करोड़
विकसित सिंचाई क्षमता-25,000 हेक्टेयर
पुनर्जीवित परियोजनाएं-115 (अटल सिंचाई योजना)
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल सिंचाई योजना के तहत बंद पड़ी परियोजनाओं को शुरू करने से 76 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।

3. डिजिटल कनेक्टिविटी और वनांचल विकास

'डिजिटल इंडिया' की दिशा में प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए किए जा रहे कार्यों का विवरण दिया:

  • मोबाइल टावर: डिजिटल भारत निधि के तहत दो वर्षों में 936 मोबाइल टावर स्वीकृत किए गए, जिनमें से 751 चालू हो चुके हैं।

  • भावी योजना: दुर्गम क्षेत्रों के लिए 2300 अतिरिक्त टावर प्रस्तावित हैं।

4. प्रशासनिक सुधार और सुशासन

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज में ईमानदार अधिकारियों को प्रताड़ित किया गया, जबकि उनकी सरकार पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि "डबल इंजन" की सरकार बनने के बाद प्रदेश में विकास की गति दोगुनी हो गई है और नरवा, गरुवा, घुरुवा जैसी योजनाएं जो केवल कागजों तक सीमित थीं, उनका सच अब जनता के सामने है।


प्रमुख निष्कर्ष:

मुख्यमंत्री के भाषण का केंद्र बिंदु यह रहा कि कांग्रेस ने प्रदेश को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से पीछे धकेला, जबकि भाजपा सरकार ट्रांसपेरेंसी, स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से छत्तीसगढ़ को 'विकसित राज्य' बनाने की दिशा में काम कर रही है।

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