होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: PM मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से वार्ता; 22 भारतीय जहाज अब भी फंसे, 2 LPG टैंकर सुरक्षित भारत पहुँचे

होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: PM मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से वार्ता; 22 भारतीय जहाज अब भी फंसे, 2 LPG टैंकर सुरक्षित भारत पहुँचे

12, 2, 2026

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नई दिल्ली (18 मार्च 2026): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर लंबी चर्चा की है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य युद्ध क्षेत्र में फंसे 20 से अधिक भारतीय टैंकरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना और देश की ऊर्जा सप्लाई लाइन को बहाल करना है।

1. PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की चर्चा के मुख्य बिंदु

  • गंभीर चिंता: पीएम मोदी ने युद्ध के कारण हो रहे नागरिक नुकसान और बुनियादी ढांचे की तबाही पर गहरी चिंता व्यक्त की।

  • ऊर्जा प्राथमिकता: उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा संसाधनों (तेल-गैस) की निर्बाध आवाजाही भारत के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • कूटनीतिक रास्ता: दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि इस संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है।

2. भारतीय जहाजों की ताज़ा स्थिति (18 मार्च 2026)

युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारतीय जहाजों की स्थिति इस प्रकार है:

  • सुरक्षित वापसी: पिछले 48 घंटों में दो बड़े LPG टैंकर— 'शिवालिक' (Shivalik) और 'नंदा देवी' (Nanda Devi)—होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुँच चुके हैं। इनमें लगभग 92,700 टन रसोई गैस (LPG) लदी है।

  • अभी भी फंसे जहाज: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज अभी भी होर्मुज के पश्चिमी हिस्से (फारस की खाड़ी) में फंसे हुए हैं।

  • कार्गो का विवरण: फंसे हुए जहाजों में 6 LPG टैंकर, 4 कच्चे तेल (Crude Oil) के टैंकर और 1 LNG टैंकर शामिल हैं। इसके अलावा 611 भारतीय नाविक भी इस जोखिम भरे क्षेत्र में मौजूद हैं।

3. अमेरिका का भारत को 'रूस कार्ड' इस्तेमाल करने का मौका

मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति बाधित होने के कारण अमेरिका ने भारत को एक अस्थायी राहत दी है:

  • रूसी तेल पर छूट: अमेरिका ने भारत को अगले 30 दिनों के लिए उन रूसी तेल टैंकरों से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति दी है जो वर्तमान में समुद्र में फंसे हुए हैं।

  • मकसद: इसका उद्देश्य वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखना और भारत जैसे मित्र राष्ट्रों में ऊर्जा संकट को कम करना है।

4. कूटनीतिक और सैन्य प्रयास

  • ऑपरेशन संकल्प (Operation Sankalp): भारतीय नौसेना के युद्धपोत खाड़ी क्षेत्र में तैनात हैं और मर्चेंट शिपिंग की सुरक्षा की निगरानी कर रहे हैं।

  • ईरान का रुख: ईरान के राजदूत ने संकेत दिया है कि भारत एक मित्र देश है और उसे विशेष कॉरिडोर दिया जा सकता है, लेकिन अभी तक किसी 'औपचारिक लिखित मंजूरी' की पुष्टि नहीं हुई है।


प्रमुख आंकड़े (Data Highlights):

विवरणसंख्या/मात्रा
फंसे हुए भारतीय जहाज22
क्षेत्र में भारतीय नाविकलगभग 23,000
हाल ही में पहुँची LPG92,700 मीट्रिक टन
US द्वारा रूसी तेल छूट30 दिन (अस्थायी)

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