पीएम मोदी की ग्लोबल डिप्लोमेसी: फ्रांस, मलेशिया और ओमान के नेताओं से फोन पर वार्ता; पश्चिम एशिया में 'तनाव कम' करने की अपील

पीएम मोदी की ग्लोबल डिप्लोमेसी: फ्रांस, मलेशिया और ओमान के नेताओं से फोन पर वार्ता; पश्चिम एशिया में 'तनाव कम' करने की अपील

12, 2, 2026

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नई दिल्ली (19 मार्च 2026): प्रधानमंत्री मोदी ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से जानकारी दी कि भारत वैश्विक स्थिरता बनाए रखने के लिए अपने मित्र देशों के साथ निरंतर संपर्क में है।

1. फ्रांस: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ 'डी-एस्केलेशन' पर चर्चा

पीएम मोदी ने अपने "प्रिय मित्र" राष्ट्रपति मैक्रों से पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति पर बात की।

  • मुख्य बिंदु: दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। तनाव कम करने (De-escalation) और कूटनीतिक रास्तों पर लौटने की तत्काल आवश्यकता है।

  • समन्वय: भारत और फ्रांस इस क्षेत्र में शांति बहाली के लिए अपना घनिष्ठ समन्वय (Close Coordination) जारी रखेंगे।

2. मलेशिया: पीएम अनवर इब्राहिम को ईद की बधाई और शांति का संकल्प

आगामी त्योहार 'ईद-उल-फितर' और मलेशियाई उत्सव 'हरि राया एदिलफित्री' के अवसर पर पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को शुभकामनाएं दीं।

  • साझा प्रतिबद्धता: दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति को "बेहद चिंताजनक" बताया।

  • स्थिरता: संवाद के माध्यम से शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रति भारत और मलेशिया ने अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।

3. ओमान: सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ रणनीतिक वार्ता

ओमान के सुल्तान के साथ बातचीत रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रही:

  • संप्रभुता का सम्मान: पीएम मोदी ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): दोनों देश इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन (Safe and Free Navigation) सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध दिखे। यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है।

  • आभार: पीएम मोदी ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी में ओमान के प्रयासों की सराहना की।


निष्कर्ष: भारत की 'विश्व मित्र' भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी की ये बातचीत दर्शाती है कि भारत केवल एक मूकदर्शक नहीं, बल्कि वैश्विक संकटों के समाधान के लिए एक सक्रिय मध्यस्थ (Facilitator) के रूप में उभर रहा है। 'ईद' की शुभकामनाओं के साथ कूटनीतिक संदेशों का यह मिश्रण 'सॉफ्ट पावर' और 'हार्ड डिप्लोमेसी' का एक सटीक उदाहरण है।

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