LPG संकट पर बोले BJP विधायक पन्नालाल शाक्य: "दिक्कत हो तो चूल्हे पर बनाएं खाना, प्रशासन को घेरना ठीक नहीं"
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LPG संकट पर बोले BJP विधायक पन्नालाल शाक्य: "दिक्कत हो तो चूल्हे पर बनाएं खाना, प्रशासन को घेरना ठीक नहीं"

2, 3, 2026

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गुना। देश के कई हिस्सों में रसोई गैस (LPG) की किल्लत और आपूर्ति में हो रही देरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। जहाँ एक ओर विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश के गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने एक विवादित और चर्चा बटोरने वाला बयान दिया है। उन्होंने संकट के समय जनता को 'धैर्य' रखने की सलाह देते हुए पुराने दौर की याद दिलाई है।

विक्रम संवत 2083 के कार्यक्रम में दिया बयान

विधायक पन्नालाल शाक्य 'वर्ष प्रतिपदा विक्रम संवत 2083' के उपलक्ष्य में आयोजित 'कोटि सूर्य उपासना' कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस धार्मिक और सांस्कृतिक मंच से उन्होंने वर्तमान गैस संकट पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर विचलित हो जाते हैं और तुरंत प्रशासन या जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाने लगते हैं, जो कि उचित व्यवहार नहीं है।

"कृत्रिम संकट" का किया जिक्र

गैस की कमी के कारणों पर चर्चा करते हुए विधायक ने कहा कि बाजार में सिलेंडर की वास्तविक कमी से ज्यादा 'कृत्रिम संकट' (Artificial Crisis) हावी है। उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • कई लोग डर के मारे जरूरत से ज्यादा सिलेंडर घरों में जमा कर लेते हैं।

  • गोदामों में अवैध भंडारण के कारण आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) प्रभावित होती है।

  • अफरा-तफरी के कारण उन लोगों तक गैस नहीं पहुंच पाती जिन्हें वास्तव में इसकी तुरंत जरूरत है।

चूल्हे पर खाना बनाने की सलाह

सबसे चौंकाने वाला सुझाव देते हुए पन्नालाल शाक्य ने कहा, "अगर कुछ दिन गैस की दिक्कत हो, तो घबराने की क्या बात है? पुराने समय में भी तो चूल्हे पर खाना बनता था। अगर जरूरत पड़े तो कुछ दिन चूल्हे पर भी खाना बनाया जा सकता है।" उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आत्मनिर्भर बनें और हर छोटी समस्या के लिए सरकार की ओर न देखें।

सियासी गलियारों में हलचल

विधायक के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है।

  1. विपक्ष का हमला: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे जनता की परेशानियों का मजाक बताया है। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार 'उज्ज्वला योजना' के जरिए धुआं-मुक्त रसोई का प्रचार करती है, वहीं दूसरी तरफ उनके विधायक जनता को वापस चूल्हे की ओर जाने को कह रहे हैं।

  2. जनता की प्रतिक्रिया: गृहणियों का कहना है कि आज के दौर में शहरों में लकड़ी और चूल्हे का इंतजाम करना नामुमकिन है, और यह बयान जमीनी हकीकत से दूर है।

प्रशासनिक चुनौती

विधायक के 'भंडारण' वाले बयान के बाद अब स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वे गैस एजेंसियों और गोदामों की जांच करें। यदि वास्तव में जमाखोरी हो रही है, तो प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी होगी ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

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