महाराष्ट्र शर्मसार: ठाणे में 15 वर्षीय आदिवासी लड़की का अपहरण कर बीड में 'बेचा', बुजुर्ग ने जबरन रचाई शादी और किया दुष्कर्म
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महाराष्ट्र शर्मसार: ठाणे में 15 वर्षीय आदिवासी लड़की का अपहरण कर बीड में 'बेचा', बुजुर्ग ने जबरन रचाई शादी और किया दुष्कर्म

2, 3, 2026

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ठाणे/भिवंडी। महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ गरीबी और लाचारी का फायदा उठाकर एक 15 वर्षीय आदिवासी बच्ची को न केवल अगवा किया गया, बल्कि उसे मराठवाड़ा के बीड जिले में एक बुजुर्ग व्यक्ति को 'बेच' दिया गया। पुलिस ने इस मामले में 'पति' होने का दावा करने वाले मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

गरीबी बनी अभिशाप: बेहतर जीवन का झांसा देकर अपहरण

ठाणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, पीड़िता बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है और उसके माता-पिता भी साथ नहीं थे। इसी लाचारी का फायदा उठाकर 26 फरवरी को एक एजेंट और उसके साथियों ने लड़की को भिवंडी से अगवा कर लिया। आरोपियों ने बच्ची को शादी के जरिए एक 'बेहतर और सुरक्षित जीवन' का लालच दिया था, लेकिन असल में उसे बीड जिले के पाटोदा में एक बुजुर्ग व्यक्ति को बेच दिया गया।

बंधक बनाकर दुष्कर्म और जबरन निकाह

पुलिस की प्राथमिकी (FIR) के अनुसार:

  • 27 फरवरी: नाबालिग को जान से मारने की धमकी देकर जबरन अवैध विवाह के लिए मजबूर किया गया।

  • 10 मार्च तक प्रताड़ना: मुख्य आरोपी भाऊसाहेब तांबे ने बच्ची को अपने घर में बंधक बनाकर रखा और उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया।

  • बच्ची के विरोध करने पर उसे डराया-धमकाया गया और घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 4 आरोपी गिरफ्तार

पाडघा थाने के निरीक्षक जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल टीम बनाई और बीड व भिवंडी के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। पुलिस ने अब तक भाऊसाहेब तांबे और उसके तीन सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों पर निम्नलिखित सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है:

  1. पॉक्सो (POCSO) अधिनियम: बच्चों के साथ यौन अपराध।

  2. SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम: आदिवासी समाज के खिलाफ अपराध।

  3. बाल विवाह निवारण अधिनियम: नाबालिग की शादी कराना।

  4. भारतीय न्याय संहिता (BNS): अपहरण, दुष्कर्म और बंधक बनाना।

मानव तस्करी के सिंडिकेट का अंदेशा

इस घटना ने एक बार फिर महाराष्ट्र में सक्रिय 'ब्राइड ट्रैफिकिंग' (दुल्हन तस्करी) के काले कारोबार की ओर इशारा किया है। एजेंटों का नेटवर्क गरीब आदिवासी क्षेत्रों से लड़कियों को चुनता है और उन्हें पश्चिमी महाराष्ट्र या मराठवाड़ा के उन इलाकों में बेच देता है जहाँ लिंगानुपात कम है। पुलिस अब इस मामले में अन्य बिचौलियों की तलाश कर रही है।

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