मनाली में कुदरत का करिश्मा: बर्फ की सफेद चादर में लिपटी वादियां, अटल टनल पर पर्यटकों का सैलाब, 1000 वाहन सुरक्षित निकाले गए

मनाली में कुदरत का करिश्मा: बर्फ की सफेद चादर में लिपटी वादियां, अटल टनल पर पर्यटकों का सैलाब, 1000 वाहन सुरक्षित निकाले गए

2, 3, 2026

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मनाली। हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली और उसके ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने एक बार फिर जादू बिखेरा है। बीती रात से शुरू हुई ताजा बर्फबारी ने पूरी घाटी को चांदी जैसी सफेद चादर से ढक दिया है। लंबे समय के सूखे के बाद हुई इस बर्फबारी ने जहां पर्यटन कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, वहीं साहसिक पर्यटन के शौकीनों के लिए यह किसी तोहफे से कम नहीं है।

अटल टनल पर 'स्नो शो': रोमांच के साथ चुनौतियां भी

ताजा हिमपात के बाद रोहतांग दर्रा और अटल टनल (Atal Tunnel) के पास का नजारा अद्भुत हो गया है। हालांकि, इस रोमांच के साथ प्रशासनिक चुनौतियां भी बढ़ गई हैं:

  • रेस्क्यू ऑपरेशन: रविवार शाम भारी बर्फबारी के कारण अटल टनल के पास अचानक फिसलन बढ़ गई, जिससे लगभग 1,000 वाहन बीच रास्ते में फंस गए। कुल्लू और लाहुल-स्पीति पुलिस ने रात भर चले संयुक्त अभियान के बाद सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।

  • ट्रैफिक एडवायजरी: फिसलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल केवल 4x4 वाहनों और चेन लगे टायरों वाले वाहनों को ही ऊंचाई वाले इलाकों में जाने की अनुमति दी है।

पर्यटन उद्योग में लौटी रौनक

हिमाचल में पिछले कुछ समय से शुष्क मौसम (Dry Spell) के कारण होटल व्यवसायी चिंतित थे, लेकिन इस बर्फबारी ने पासा पलट दिया है:

  • होटल बुकिंग में उछाल: बर्फबारी की खबर फैलते ही मैदानी इलाकों (दिल्ली, पंजाब, हरियाणा) से सैलानियों ने मनाली का रुख करना शुरू कर दिया है।

  • स्थानीय कारोबार: स्कीइंग, स्नो-स्कूटर और स्थानीय हस्तशिल्प बेचने वालों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कारोबार में 40-50% की बढ़ोतरी होगी।

मौसम विभाग की चेतावनी: अभी और गिरेगा 'सफेद सोना'

मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में राज्य के ऊंचे शिखरों पर भारी हिमपात और निचले इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

  • सावधानी की अपील: प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सेल्फी लेने के चक्कर में असुरक्षित ढलानों या बर्फीली नदियों के किनारे न जाएं।

  • हेल्पलाइन नंबर: किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के हेल्पलाइन नंबरों को एक्टिव कर दिया गया है।

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