भिलाई यस बैंक घोटाला: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 165 करोड़ के गबन की जांच CBI को सौंपी; राज्य पुलिस की 'लीपापोती' पर जताई नाराजगी
आज की ताजा खबर
LIVE

भिलाई यस बैंक घोटाला: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 165 करोड़ के गबन की जांच CBI को सौंपी; राज्य पुलिस की 'लीपापोती' पर जताई नाराजगी

2, 3, 2026

5

image

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 165 करोड़ रुपये के बहुचर्चित 'भिलाई यस बैंक घोटाले' में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की गंभीरता और राज्य सरकार की अब तक की जांच पर असंतोष जताते हुए पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई (CBI) से कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय एजेंसी ही एकमात्र विकल्प है।

हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी: "लीपापोती की आशंका से इन्कार नहीं"

मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा:

  • जांच पर अविश्वास: घोटाले की अब तक की प्रक्रिया को देखते हुए तथ्यों को छुपाने और जांच के नाम पर 'लीपापोती' किए जाने की प्रबल आशंका है।

  • बैंक का असहयोग: कोर्ट ने यस बैंक प्रबंधन के रवैये पर भी नाराजगी जताई। बेंच ने कहा कि बैंक ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया, जिससे कई महत्वपूर्ण कड़ियां जुड़ नहीं पाईं।

  • दस्तावेज सौंपने का आदेश: कोर्ट ने दुर्ग-भिलाई एसपी को निर्देशित किया है कि इस घोटाले से संबंधित सभी एफआईआर (FIR), काउंटर एफआईआर और अब तक जुटाए गए तमाम दस्तावेजों को तत्काल सीबीआई को सौंप दिया जाए।

क्या है 165 करोड़ का भिलाई यस बैंक घोटाला?

यह मामला भिलाई स्थित यस बैंक की शाखा से जुड़ा है, जहाँ करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप लगा था। आरोप है कि:

  1. बैंक अधिकारियों और बाहरी रसूखदारों की मिलीभगत से बड़ी राशि का हेरफेर किया गया।

  2. फर्जी खातों और दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये ठिकाने लगाए गए।

  3. स्थानीय स्तर पर शिकायत के बावजूद जांच की गति अत्यंत धीमी थी, जिसे लेकर याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका

हाई कोर्ट द्वारा सीबीआई जांच का आदेश दिया जाना राज्य सरकार के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। आमतौर पर कोर्ट तब ऐसे आदेश देता है जब उसे स्थानीय पुलिस की निष्पक्षता पर संदेह हो। अब इस घोटाले की आंच कई रसूखदारों तक पहुंचने की संभावना है, जो अब तक पुलिस की पहुंच से दूर थे।

CBI जांच से क्या बदलेगा?

  • फॉरेन्सिक ऑडिट: सीबीआई अब बैंक के लेन-देन का गहराई से फॉरेन्सिक ऑडिट करेगी।

  • अंतरराज्यीय कनेक्शन: इस घोटाले के तार अन्य राज्यों या बड़े शहरों से जुड़े होने की संभावना की जांच होगी।

  • बड़ी गिरफ्तारियां: पुलिस डायरी और दस्तावेजों के सीबीआई के पास जाते ही इस मामले में संलिप्त बड़े अधिकारियों और कारोबारियों पर शिकंजा कस सकता है।

Powered by Froala Editor