दुर्ग: CSPDCL में 'सब इंजीनियर' की नौकरी के नाम पर 10 लाख की ठगी; फर्जी जॉइनिंग लेटर थमाने वाली महिला गिरफ्तार
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दुर्ग: CSPDCL में 'सब इंजीनियर' की नौकरी के नाम पर 10 लाख की ठगी; फर्जी जॉइनिंग लेटर थमाने वाली महिला गिरफ्तार

2, 3, 2026

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दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) में सब इंजीनियर के पद पर नियुक्ति का झांसा देकर एक युवती से 10 लाख रुपये ठग लिए गए। पद्मनाभपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी महिला को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके सहयोगी की तलाश जारी है।

महाराजा चौक से शुरू हुआ ठगी का खेल

पुलिस के अनुसार, भिलाई के सेक्टर-7 निवासी प्रार्थिया पायल (29) ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। ठगी की कहानी साल 2023 से शुरू हुई:

  • पहली मुलाकात: 2 अगस्त 2023 को महाराजा चौक की एक दुकान में पायल की मुलाकात आरोपी प्रिया देशमुख (निवासी न्यू आदर्श नगर, पद्मनाभपुर) से हुई।

  • सौदा: प्रिया ने दावा किया कि उसकी ऊंची पहुंच है और वह CSPDCL में सब इंजीनियर की नौकरी लगवा सकती है। इसके बदले 20 लाख रुपये की मांग की गई।

  • एडवांस: भरोसे में आकर प्रार्थिया ने 10 लाख रुपये अग्रिम (Advance) के तौर पर दे दिए।

रायपुर सर्किट हाउस में दिया 'फर्जी जॉइनिंग लेटर'

ठगी को असली जामा पहनाने के लिए आरोपियों ने पूरा ताना-बाना बुना था:

  1. मंत्रालय का फर्जी अधिकारी: प्रिया ने पायल की मुलाकात रजत गुप्ता नामक युवक से कराई। रजत ने खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताया ताकि पायल को शक न हो।

  2. हाई-प्रोफाइल ड्रामा: नवंबर 2023 में आरोपियों ने पायल को रायपुर सर्किट हाउस बुलाया। वहां उसे सरकारी मुहर लगा हुआ एक 'जॉइनिंग लेटर' सौंपा गया, जो जांच में पूरी तरह फर्जी पाया गया।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

पायल की शिकायत पर पद्मनाभपुर पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया।

  • कानूनी धाराएं: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (दस्तावेजों में कूटरचना) और 120(बी) (साजिश) के तहत मामला दर्ज किया है।

  • गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी प्रिया देशमुख को पुलिस ने चिन्हित कर 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया।

  • फरार आरोपी: पुलिस अब रजत गुप्ता की तलाश में जुटी है, जिसने खुद को मंत्रालय का कर्मचारी बताया था।

युवाओं के लिए चेतावनी

दुर्ग पुलिस ने इस घटना के बाद अपील की है कि किसी भी सरकारी विभाग में नौकरी केवल निर्धारित चयन प्रक्रिया (परीक्षा/इंटरव्यू) के माध्यम से ही मिलती है। किसी भी व्यक्ति को 'ऊंची पहुंच' या 'मंत्रालय कनेक्शन' के नाम पर पैसे देना जोखिम भरा है।

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