धुरंधर - द रिवेंज Review: रणवीर सिंह का 'हमजा' अवतार जबरदस्त, लेकिन 4 घंटे की फिल्म में 'टाइमलाइन' का बुरा हाल; जानें क्या हैं बड़ी चूकें
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धुरंधर - द रिवेंज Review: रणवीर सिंह का 'हमजा' अवतार जबरदस्त, लेकिन 4 घंटे की फिल्म में 'टाइमलाइन' का बुरा हाल; जानें क्या हैं बड़ी चूकें

2, 3, 2026

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एंटरटेनमेंट । 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' के बाद निर्देशक आदित्य धर एक बार फिर एक विशाल कैनवास वाली फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' लेकर आए हैं। 18 मार्च के पेड प्रिव्यू के बाद से ही सोशल मीडिया पर इस फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहाँ रणवीर सिंह की एक्टिंग और हाई-ऑक्टेन एक्शन सीन्स को 'मास्टरक्लास' बताया जा रहा है, वहीं फिल्म की लंबाई और तकनीकी खामियों ने क्रिटिक्स की भौहें तान दी हैं।

कहानी: रहमान डकैत के अंत के बाद 'हमजा' का उदय

फिल्म की कहानी वहीं से शुरू होती है जहाँ पहला भाग खत्म हुआ था। रहमान डकैत (अक्षय खन्ना) के साम्राज्य के पतन के बाद लियारी की सत्ता की चाबी अब हमजा (रणवीर सिंह) के पास है।

  • फ्लैशबैक का सहारा: फिल्म जसकीरत सिंह रांगी के एक साधारण युवक से खूंखार 'हमजा' बनने के सफर को बड़े ही क्रूर और वास्तविक ढंग से दिखाती है।

  • संवेदनशील मुद्दों का समावेश: आदित्य धर ने इस बार कहानी को केवल एक्शन तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसमें बलूच नेताओं की भागीदारी, ईशनिंदा, भारत में नोटबंदी और नकली नोटों के सिंडिकेट जैसे गहरे विषयों को भी पिरोया है। उरी हमला और बाबरी मस्जिद विध्वंस जैसे ऐतिहासिक घटनाक्रमों का उपयोग कहानी के 'इम्पैक्ट' को बढ़ाने के लिए किया गया है।

तारीफों के बीच 'लॉजिक' की बलि?

करीब 3 घंटे 49 मिनट (लगभग 4 घंटे) की यह फिल्म दर्शकों के धैर्य की परीक्षा लेती दिख रही है। फिल्म में कुछ ऐसी बड़ी गलतियां हैं जो सिनेप्रेमियों को खटक रही हैं:

  1. टाइमलाइन की बड़ी गड़बड़: क्रिटिक्स का कहना है कि फिल्म में दिखाई गई ऐतिहासिक घटनाओं और किरदारों की उम्र के बीच कोई तालमेल नहीं बैठ रहा है। बाबरी मस्जिद विध्वंस (1992) से लेकर नोटबंदी (2016) तक की घटनाओं को जिस तरह पिरोया गया है, उसमें किरदारों के बढ़ते समय का ध्यान नहीं रखा गया।

  2. तेज रफ़्तार संपादन (Editing): घटनाओं को इतनी तेजी से बदला गया है कि कई बार दर्शक यह समझने में नाकाम रहते हैं कि वर्तमान में क्या चल रहा है और फ्लैशबैक में क्या।

  3. लंबाई बनी दुश्मन: 4 घंटे की अवधि व्यावसायिक फिल्मों के लिए एक बड़ा जोखिम है, जो दूसरे हाफ में फिल्म की पकड़ को ढीला कर देती है।

रणवीर सिंह का 'पावरहाउस' प्रदर्शन

इन कमियों के बावजूद, फिल्म केवल एक वजह से देखी जा सकती है— रणवीर सिंह। 'हमजा' के रूप में उन्होंने अपने करियर का सबसे डार्क और इंटेंस रोल निभाया है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और डायलॉग डिलीवरी फिल्म को डगमगाने से बचाती है।

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