Fuel Price Update: भारत में 'प्रीमियम पेट्रोल' हुआ महंगा, ₹100 के पार पहुंची कीमत; पड़ोसी देशों में मचा हाहाकार
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Fuel Price Update: भारत में 'प्रीमियम पेट्रोल' हुआ महंगा, ₹100 के पार पहुंची कीमत; पड़ोसी देशों में मचा हाहाकार

12, 2, 2026

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नई दिल्ली/जयपुर। पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) में गहराते युद्ध के संकट का सीधा असर अब भारतीय ईंधन बाजार पर दिखने लगा है। जहाँ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (Crude Oil) $100 प्रति बैरल के पार निकल गया है, वहीं भारतीय तेल कंपनियों ने शुक्रवार (20 मार्च 2026) से प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

प्रीमियम पेट्रोल में ₹2.09 की बढ़ोतरी

पेट्रोलियम कंपनियों (HPCL, BPCL, IOCL) ने उच्च गुणवत्ता वाले यानी प्रीमियम पेट्रोल (जैसे Speed, Power और XP95) के दाम में ₹2.09 से ₹2.35 प्रति लीटर तक की वृद्धि कर दी है।

  • नया रेट: इस बढ़ोतरी के बाद देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गई है।

  • सामान्य ईंधन: सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। सरकार और तेल कंपनियां फिलहाल आम उपभोक्ताओं पर बोझ डालने से बच रही हैं।

पड़ोसी देशों में 'तेल का संकट'

भारत की तुलना में पड़ोसी देशों की स्थिति और भी विकट है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने से वहां कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है:

  • श्रीलंका: पेट्रोल 7.4% और डीजल 9.3% महंगा हुआ।

  • भूटान: डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड 13.6% की वृद्धि दर्ज की गई।

  • अफगानिस्तान और म्यांमार: यहाँ भी ईंधन की दरों में 7% से 9% तक का इजाफा हुआ है।

LPG की स्थिति: घबराने की जरूरत नहीं (मंत्री सुमित गोदारा)

राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने एलपीजी (LPG) की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैस की कोई कमी नहीं है और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है:

  1. डिलीवरी टाइम: बुकिंग के 3 से 4 दिनों के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।

  2. OTP और जिओटैगिंग: पारदर्शिता के लिए अब बिना OTP वेरिफिकेशन के सिलेंडर की डिलीवरी नहीं होगी। साथ ही, फील्ड अधिकारियों को औचक निरीक्षण कर जिओटैगिंग रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

  3. सख्त निगरानी: प्रदेश की 1300 गैस एजेंसियों पर नजर रखी जा रही है ताकि कोई कृत्रिम संकट पैदा न कर सके।

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