हिमाचल में LPG संकट: विधानसभा के 'माननीयों' के लिए अब चूल्हे पर पक रहा खाना; शेफ बोले- 30 साल के करियर में पहली बार देखी ऐसी किल्लत

हिमाचल में LPG संकट: विधानसभा के 'माननीयों' के लिए अब चूल्हे पर पक रहा खाना; शेफ बोले- 30 साल के करियर में पहली बार देखी ऐसी किल्लत

12, 2, 2026

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में रसोई गैस (LPG) का संकट अब सड़क से लेकर सत्ता के गलियारों तक पहुँच गया है। आलम यह है कि राज्य के बजट सत्र के दौरान विधायकों, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भोजन अब आधुनिक गैस चूल्हों के बजाय 'लकड़ी के चूल्हों' पर तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के 'निर्बाध आपूर्ति' के दावों के बीच, विधानसभा की रसोई में जलती लकड़ियाँ राज्य की वास्तविक स्थिति की गवाही दे रही हैं।

हॉलिडे होम बना 'रसोई घर', 600 लोगों का खाना तैयार

शुक्रवार को बजट सत्र के छठे दिन एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के कर्मचारियों ने करीब 500-600 लोगों का भोजन पारंपरिक 'भट्टी' (लकड़ी के चूल्हे) पर तैयार किया।

  • सप्लाई चेन: खाना 'हॉलिडे होम' में तैयार किया जा रहा है और वहां से इंसुलेटेड (गर्म) बॉक्स में पैक करके विधानसभा परिसर तक पहुँचाया जा रहा है।

  • मजबूरी की व्यवस्था: शेफ हरविंदर सिंह ने बताया कि पिछले चार दिनों से गैस सिलेंडर न होने के कारण उनके पास लकड़ी का उपयोग करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

अनुभवी शेफ भी हैरान: "30 साल में पहली बार देखा ऐसा दौर"

HPTDC के वरिष्ठ शेफ धानी राम, जिन्हें खाना पकाने का 30 साल से अधिक का अनुभव है, ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में रसोई गैस की ऐसी किल्लत पहले कभी नहीं देखी। वहीं, शेफ अश्वनी कुमार ने पर्यावरण को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि लकड़ी का बढ़ता इस्तेमाल पेड़ों की कटाई को बढ़ावा दे सकता है, इसलिए वे केवल सूखी लकड़ी का ही उपयोग कर रहे हैं।

ग्रामीण हुनर का शहरी इस्तेमाल

दिलचस्प बात यह है कि इस संकट में हिमाचल के ग्रामीण इलाकों (हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी) की पारंपरिक भोजन पद्धति काम आ रही है। धाम या सामुदायिक कार्यक्रमों में जिस तरह 'भट्टी' पर बड़े पैमाने पर खाना बनाया जाता है, उसी तकनीक का उपयोग अब वीआईपी (VIP) भोजन के लिए किया जा रहा है।

विपक्ष हमलावर: दावों और हकीकत में अंतर

विधानसभा के भीतर जहाँ मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि राज्य में गैस की कोई कमी नहीं है, वहीं विधानसभा के लिए खाना बनाने में हो रही मशक्कत ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है। विधायक और मंत्री लगातार सदन में एलपीजी की अनियमित आपूर्ति और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी का मुद्दा उठा रहे हैं।

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