नीलगिरी: सेल्फी के चक्कर में 150 फुट गहरी खाई में गिरा पर्यटक; हाथियों और बाघों के बीच सेना ने चलाया 'मिडनाइट रेस्क्यू ऑपरेशन'

नीलगिरी: सेल्फी के चक्कर में 150 फुट गहरी खाई में गिरा पर्यटक; हाथियों और बाघों के बीच सेना ने चलाया 'मिडनाइट रेस्क्यू ऑपरेशन'

12, 2, 2026

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उदगमंडलम (ऊटी)। तमिलनाडु के नीलगिरी जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला बचाव अभियान सामने आया है। गुडालूर के पास प्रसिद्ध 'ऊसिमलाई व्यूप्वाइंट' पर सेल्फी लेने की कोशिश में एक पर्यटक 150 फुट गहरी खाई में जा गिरा। घने जंगल, अंधेरे और हिंसक जानवरों की मौजूदगी के बीच भारतीय सेना और वन विभाग ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर शुक्रवार तड़के युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

सेल्फी का जुनून और 150 फुट नीचे जिंदगी

पीड़ित की पहचान चेंगलपेट जिले के शिवगुरुनाथन के रूप में हुई है। वह गुडालूर-ऊटी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक ईको-टूरिज्म सेंटर घूमने गए थे।

  • हादसा: व्यूप्वाइंट के किनारे खड़े होकर सेल्फी लेते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे 150 फुट गहरी खाई में जा गिरे।

  • संदेह और तलाशी: जब शिवगुरुनाथन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी परिसर से बाहर नहीं निकले, तो वन विभाग के अधिकारियों को अनहोनी की आशंका हुई और तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया गया।

बाघों और हाथियों का डर: क्यों रोकना पड़ा अभियान?

शुरुआत में अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं ने अभियान शुरू किया, लेकिन उन्हें भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा:

  1. घना जंगल और अंधेरा: रात होते ही खाई के आसपास दृश्यता शून्य हो गई।

  2. जंगली जानवरों का खतरा: यह इलाका बाघों और हाथियों की आवाजाही के लिए जाना जाता है। सुरक्षा कारणों से बचाव दल को अपने प्रयास अस्थायी रूप से रोकने पड़े।

सेना की एंट्री: आधी रात को 'समन्वित रेस्क्यू'

हालात की गंभीरता को देखते हुए नीलगिरी के सांसद ए. राजा ने वेलिंगटन छावनी के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से संपर्क किया। सांसद के अनुरोध पर सेना के जवानों की एक विशेषज्ञ टीम तुरंत मौके पर पहुंची।

  • ऑपरेशन: सेना के जवानों और वन विभाग ने रात के अंधेरे में रस्सियों और आधुनिक उपकरणों के सहारे खाई में उतरने का फैसला किया।

  • सफलता: शुक्रवार तड़के टीम शिवगुरुनाथन तक पहुँचने में सफल रही और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

मामूली चोटें, बड़ा सबक

अधिकारियों ने बताया कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद शिवगुरुनाथन को केवल मामूली चोटें आई हैं। उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन ने एक बार फिर पर्यटकों से अपील की है कि वे व्यूप्वाइंट्स पर 'नो-सेल्फी जोन' के नियमों का पालन करें और अपनी जान जोखिम में न डालें।

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