केरल में ईद-उल-फितर की धूम: मस्जिदों और ईदगाहों में उमड़ी भीड़; राज्यपाल, CM और विपक्षी नेताओं ने दिया 'समानता और भाईचारे' का संदेश
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केरल में ईद-उल-फितर की धूम: मस्जिदों और ईदगाहों में उमड़ी भीड़; राज्यपाल, CM और विपक्षी नेताओं ने दिया 'समानता और भाईचारे' का संदेश

12, 2, 2026

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कोच्चि/तिरुवनंतपुरम। केरल में शुक्रवार को पवित्र रमजान महीने के समापन पर ईद-अल-फितर (चेरिया पेरुन्नल) का त्योहार पूरे धार्मिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। तिरुवनंतपुरम से लेकर कासरगोड तक, राज्य के कोने-कोने में सुबह की विशेष नमाज अदा की गई, जिसमें हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। इस दौरान शांति, समृद्धि और आपसी प्रेम के लिए दुआएं मांगी गईं।

ईदगाहों में नमाज और सामुदायिक मिलन

केरल के प्रमुख शहरों— कोच्चि, कोझिकोड, मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम में विशाल ईदगाहों का आयोजन किया गया।

  • नमाज और बधाई: नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर 'ईद मुबारक' कहा और अपने परिवारों के साथ मिलकर पारंपरिक पकवानों का आनंद लिया।

  • दान का महत्व (ज़कात): IUML के प्रदेश अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल ने त्योहार के मूल मंत्र को रेखांकित करते हुए कहा कि ईद पर 'ज़कात' (दान) इसलिए अदा की जाती है ताकि समाज का कोई भी व्यक्ति इस खुशी के दिन भूखा न रहे।

सियासी सरगर्मी के बीच 'शुभकामनाओं' की गूँज

केरल में विधानसभा चुनाव का प्रचार चरम पर है, लेकिन ईद के मौके पर सभी राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर नेताओं ने जनता को बधाई दी:

  • मुख्यमंत्री और राज्यपाल: मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने राज्यवासियों को सुख और शांति की शुभकामनाएं दीं।

  • विपक्ष का संदेश: विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने कहा कि त्याग, प्रेम और कृतज्ञता ही इस पर्व का असली संदेश है।

  • समानता की तस्वीर: शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने ईद समारोह की अपनी तस्वीर साझा करते हुए 'समानता और भाईचारे' का नारा दिया।

  • भाजपा की बधाई: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी फेसबुक के जरिए मुस्लिम भाइयों और बहनों को ईद की बधाई देते हुए इसे 'प्रेम और भाईचारे का उत्सव' बताया।

त्याग और प्रेम का प्रतीक

रमजान के 30 दिनों के कठिन रोजों (उपवास) के बाद आने वाला यह त्योहार केरल के सामाजिक ताने-बाने को और मजबूत करता है। न केवल मुस्लिम समुदाय, बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी अपने मित्रों और पड़ोसियों के घर पहुँचकर ईद की खुशियों में शामिल हो रहे हैं।

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