हरियाणा: नवरात्र में मांस की बिक्री पर पाबंदी; धार्मिक स्थलों और स्कूलों के पास नहीं खुलेंगी दुकानें, मंत्री विपुल गोयल का सख्त आदेश

हरियाणा: नवरात्र में मांस की बिक्री पर पाबंदी; धार्मिक स्थलों और स्कूलों के पास नहीं खुलेंगी दुकानें, मंत्री विपुल गोयल का सख्त आदेश

12, 2, 2026

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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने आगामी नवरात्र के पावन पर्व को देखते हुए प्रदेश के सभी नगर निगम क्षेत्रों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान धार्मिक भावनाओं और सार्वजनिक मर्यादा का सम्मान करते हुए संवेदनशील स्थानों के आसपास मांस की दुकानों को खोलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

कहां लागू होगा प्रतिबंध?

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के तहत निम्नलिखित स्थानों के आसपास मांस की बिक्री वर्जित होगी:

  • धार्मिक स्थल: सभी मंदिर और उपासना स्थल।

  • शिक्षण संस्थान: स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक केंद्र।

  • संवेदनशील क्षेत्र: नगर निगमों द्वारा चिह्नित अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान।

लाइसेंसिंग और सख्त कार्रवाई के निर्देश

मंत्री विपुल गोयल ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा:

  1. बिना अनुमति प्रतिबंध: किसी भी क्षेत्र में स्थानीय निकाय के लाइसेंसिंग प्राधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना मांस की दुकान खोलना गैरकानूनी होगा।

  2. नियमित निगरानी: सभी नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी की व्यवस्था करें।

  3. कानून व्यवस्था: यह आदेश शहरी क्षेत्रों में शांति और कानून व्यवस्था (Law and Order) सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

नगर निगमों को 'कड़ाई' के आदेश

मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिना वैध लाइसेंस या अनुमति के चल रही मांस की दुकानों के खिलाफ तुरंत सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक 'मजबूत निगरानी तंत्र' विकसित करने को कहा गया है।


प्रमुख बिंदु: एक नज़र में

  • अवधि: नवरात्र के दौरान।

  • लागू क्षेत्र: हरियाणा के सभी नगर निगम (Municipal Corporations)।

  • कानूनी आधार: हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1976।

  • उद्देश्य: धार्मिक आस्था का सम्मान और शांति व्यवस्था।

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