महायुद्ध का तांडव: ईरान का कुवैत की रिफाइनरी पर भीषण ड्रोन हमला; दुबई-यरुशलम धमाकों से दहले, मोजतबा खामेनेई की पहली हुंकार

महायुद्ध का तांडव: ईरान का कुवैत की रिफाइनरी पर भीषण ड्रोन हमला; दुबई-यरुशलम धमाकों से दहले, मोजतबा खामेनेई की पहली हुंकार

12, 2, 2026

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दुबई/तेहरान। खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध अपने तीसरे सप्ताह के अंत में और भी भयावह हो गया है। शुक्रवार तड़के ईरान ने कुवैत की विशाल मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर आत्मघाती ड्रोन से हमला किया, जिससे पूरी दुनिया के तेल बाजारों में हड़कंप मच गया। दूसरी ओर, इजराइल ने तेहरान और ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर बमबारी जारी रखी, जिसके जवाब में ईरान ने यरुशलम और दुबई जैसे शहरों को निशाना बनाया है।

कुवैत की तेल सप्लाई पर चोट

ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति की रीढ़ माने जाने वाले कुवैत पर सीधा प्रहार किया है:

  • दोहरा हमला: मीना अल-अहमदी रिफाइनरी (क्षमता: 7.30 लाख बैरल/दिन) पर सिलसिलेवार दो ड्रोन हमले हुए। बृहस्पतिवार के हमले के बाद यह दूसरी बड़ी चोट है।

  • असर: रिफाइनरी में भीषण आग लग गई है। कुवैत के दमकलकर्मी इसे बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उत्पादन ठप होने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल की आशंका है।

मोजतबा खामेनेई का उदय: "दुश्मनों को मिट्टी में मिला देंगे"

ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता (अयातुल्ला अली खामेनेई) की युद्ध के पहले दिन हुई मौत के बाद पहली बार चुप्पी तोड़ी है:

  • कड़ा संदेश: राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान को भेजे बयान में उन्होंने कहा कि "ईरान के दुश्मनों को मिट्टी में मिलाने की जरूरत है।"

  • पृष्ठभूमि: यह बयान इजराइल द्वारा ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की हत्या के प्रतिशोध के रूप में देखा जा रहा है।

त्योहारों के बीच खौफ का साया

खाड़ी के प्रमुख शहरों में ईद और नववर्ष की खुशियां गोलियों और धमाकों के शोर में दब गई हैं:

  • दुबई: रमजान के समापन और ईद की पहली नमाज के दौरान दुबई भारी विस्फोटों से दहल उठा।

  • बहरीन व सऊदी अरब: बहरीन में एक गोदाम में आग लग गई, जबकि सऊदी अरब ने अपने तेल-समृद्ध पूर्वी प्रांत की ओर आ रहे कई ईरानी ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया।

  • यरुशलम: इजराइली राजधानी में ईरानी मिसाइलों के खतरे के बीच सायरन गूंज रहे हैं और कई जोरदार धमाके सुने गए हैं।

नेतन्याहू का दावा और ईरान की चुनौती

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक ओर जहां अपनी सैन्य बढ़त का दावा किया, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी दबाव की बात भी स्वीकार की:

  1. ट्रंप का अनुरोध: नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर (तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए) इजराइल फिलहाल ईरान के गैस क्षेत्रों पर और हमले नहीं करेगा।

  2. मिसाइल क्षमता: इजराइल का दावा है कि उसने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता खत्म कर दी है।

  3. ईरान का पलटवार: रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा— "हम युद्ध के बीच भी मिसाइलों का उत्पादन कर रहे हैं, हमारे पास हथियारों के भंडार की कोई कमी नहीं है।"


प्रमुख रणनीतिक बिंदु: एक नज़र में

  • नया नेतृत्व: मोजतबा खामेनेई ने कमान संभाल ली है, जो युद्ध को और आक्रामक बना सकता है।

  • ऊर्जा युद्ध: फारस की खाड़ी के तेल ठिकानों को निशाना बनाना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए 'रेड सिग्नल' है।

  • अमेरिकी भूमिका: राष्ट्रपति ट्रंप का हस्तक्षेप तेल संकट को रोकने की एक कोशिश है।

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